हाईटेक फॉर्मिंग में मध्यप्रदेश पीछे

Share

कृषि ऋण लेने किसान आगे आएं

सेन्ट्रल बैंक के फील्ड महाप्रबंधक से कृषक जगत की बातचीत

(विशेष प्रतिनिधि)
भोपाल। लगातार 5 बार कृषि कर्मण अवार्ड हासिल करने, कृषि वृद्धि दर में अन्य राज्यों को पछाडऩे, किसानों की आय दुगना करने का रोडमैप बनाने के बावजूद मध्य प्रदेश की हाईटेक फार्मिंग में उल्लेखनीय उपलब्धि नहीं है।
उर्वर भूमि, पर्याप्त सिंचाई एवं सरकार की इच्छा शक्ति के बावजूद राज्य की खेती और किसान अभी भी बंधी बधाई लीक पर चल रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि म.प्र. में खेती की वृद्धि दर गत 5 वर्षों से 20 प्रतिशत के आसपास चल रही है। ये आकलन है मध्यप्रदेश में सेंट्रल बैंक के फील्ड महाप्रबंधक श्री अजय व्यास का।
कृषक जगत से एक मुलाकात में श्री व्यास ने कृषि क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को रेखांकित करते हुए बैंकों द्वारा पर्याप्त ऋण उपलब्ध की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में खेती के साथ-साथ डेयरी संस्थान, पोल्ट्री, मछलीपालन का समन्वित प्रयोग कर ही किसान अपनी आमदनी दुगनी कर सकते हैं और खेती को लाभकारी बना सकते हैं। परन्तु इन सब प्रयोजनों के लिए किसान आगे आकर बैंकों से ऋण सुविधा का लाभ नहीं ले रहे हैं।
श्री व्यास ने बताया कि सेन्ट्रल बैंक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की संयोजक बैंक है। उन्होंने प्रदेश में नकदी फसलों की खेती में वृद्धि पर जोर दिया। साथ ही इन फसलों के मूल्य संवर्धन प्रसंस्करण फारवर्ड लिंकेज स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि किसान इन फसलों के उत्पादन के प्रति आकर्षित हों।
श्री व्यास ने कहा कि किसानों को खेती में ऋण बांटने के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान भी देना होगा ताकि वे खेती को लाभकारी बना सकें।

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.