परम्परागत फसलों का संरक्षण जरूरी : श्रीमती महाजन

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(इन्दौर कार्यालय)
इन्दौर। लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन के मुख्य आतिथ्य में तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में 22 दिन चलने वाले कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया गया। इसके तहत सीआईआई के तत्वावधान में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कृषि विकास मेला सम्पन्न हुआ। शुभारंभ समारोह में लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा प्रदेश में नगदी फसलों को बढ़ावा देने के साथ ही परम्परागत किस्मों के बीजों का सरंक्षण अत्यंत जरूरी है। कई पुरानी फसलों की बुआई लगभग समाप्त हो रही हैं। ऐसी कम बोयी जाने वाली फसलों को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
न्यूनतम आय की गांरटी देंगे : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा किसानों को न्यूनतम आय की ग्यारंटी देकर ही खेती को लाभ का धंधा बनाया जा सकता है। सरकार द्वारा किसानों को न्यूनतम आय की ग्यारंटी देने के लिये मध्यप्रदेश में देश की पहली फसल बीमा योजना बनायी जाएगी। प्रदेश में किसान कल्याण कोष बनाने का भी विचार है। पिछले वर्ष प्रदेश सरकार ने 2187 करोड़ रुपए की बीमा राशि वितरित की है। अब नई फसल बीमा योजना को व्यापक रूप देते हुए किसान की न्यूनतम आमदनी तय की जायेगी और इसी आधार पर बीमे का प्रीमियम तय होगा। बढ़ी हुई बीमा प्रीमियम राशि में राज्य एवं केन्द्र सरकार दोनों बराबरी से भागीदारी करेंगे। यदि यह योजना मूर्त रूप ले लेती है तो मध्यप्रदेश देश-दुनिया का पहला राज्य होगा, जो ऐसी फसल बीमा योजना लागू करेगा।
महोत्सव कृषि यांत्रिकी पर
केंद्रित : श्री बिसेन

कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि किसानों को जागरूक बनाने के लिये कृषि महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष का महोत्सव कृषि यांत्रिकी पर केन्द्रित है। कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की साख देश में बढ़ी है। गेहूँ उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश आत्मनिर्भर हो गया है।
अतिथियों ने गत वर्ष आयोजित कृषि महोत्सव के दौरान विशिष्ट योगदान देने एवं उत्कृष्ट कार्य के लिये मण्डी बोर्ड के एमडी श्री अरूण पाण्डे, पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव श्री प्रभांशु कमल को पुरस्कृत किया। साथ ही प्रथम छिंदवाड़ा, द्वितीय होशंगाबाद, तृतीय दमोह, शहडोल, खण्डवा और मण्डला जिले को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया।
किसानों को सीआईआई पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष श्री संजय किर्लोस्कर, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में इंदौर जिले के प्रभारी तथा परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्रसिंह, महापौर श्रीमती मालिनी गौड, इंविप्रा अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार मौजूद थीं। कृषि विकास मेले में 100 से अधिक स्टाल थे, जिनमें कृषि यंत्रीकरण, ग्रीन हाउस, मल्चिंग, ड्रिप-स्प्रिंकलर के साथ ही खजूर प्लांटेशन आदि किसानों के आकर्षण का केंद्र रहे।

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