समस्या- एक एकड़ धान में कितने प्रतिशत जिंक सल्फेट डालना है?
समाधान- धान में जिंक सल्फेट रोपाई के समय (मचाई में) 10 किलो प्रति एकड़ या खड़ी फसल में 2 किलो जिंक सल्फेट के साथ 4 किलो यूरिया मिलाकर डाल सकते हैं।
धान की खेती से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। यहां उन्नत एवं अधिक उपज देने वाली धान की किस्में, कम पानी वाली किस्में, डीएसआर (सीधी बुआई) तकनीक, बोरो धान, जेठी धान, बुआई का समय, बीज दर, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, कटाई, भंडारण तथा उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञ सलाह और नवीनतम अपडेट उपलब्ध हैं। धान की फसल में पीलेपन, पोषक तत्वों की कमी और अन्य कृषि समस्याओं के समाधान भी यहां पढ़ें।
समाधान- धान में जिंक सल्फेट रोपाई के समय (मचाई में) 10 किलो प्रति एकड़ या खड़ी फसल में 2 किलो जिंक सल्फेट के साथ 4 किलो यूरिया मिलाकर डाल सकते हैं।
रामलाल यादव, बनखेड़ी समाधान- धान की फसल में सबसे अधिक खरपतवार का आक्रमण होता है। जिसमें चौड़ी पत्ती वाले, संकरी पत्ती वाले और घास कुल के खरपतवार सभी सम्मिलित हैं। धान की फसल में नींदा नियंत्रण के लिये निवारक, यांत्रिक
नई दिल्ली। खाद्य सचिवों की बैठक में, खरीफ विपणन मौसम 2017-18 के दौरान 375 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जबकि पिछले खरीफ विपणन मौसम 2016-17 के दौरान 330 लाख टन धान की खरीद का लक्ष्य
(विशेष प्रतिनिधि) नई दिल्ली/ भोपाल। देश और प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई तेजी से चल रही है। देश में धान, मोटे अनाज एवं कपास के रकबे में वृद्धि हुई है। देश में अब तक 791 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में
जितेन्द्र परसाई, शोभापुरजितेन्द्र परसाई, शोभापुर समाधान- आपसे दूरभाष पर चर्चा हो गई थी। फिर भी क्योंकि प्रति उत्तर का लाभ अन्य कृषकों को भी मिल सकता है। इस कारण इस स्तंभ में आपके प्रश्न को लिया जा रहा है। आमतौर
धान खरीफ ऋतु की एक महत्वपूर्ण खाद्यान फसल है तथा म.प्र. में सोयाबीन के बाद इसकी खेती अन्य खाद्यान्नों की अपेक्षा सर्वाधिक हैं भारत में धान की खेती 4 करोड़ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में की जाती है जिससे 9
संकर धान क्या है। संकर धान का बीज आनुवांशिक रुप से भिन्न दो पैतृकों के संकरण द्वारा तैयार किया जाता है। प्राप्त बीज को संकर बीज कहा जाता है। संकर धान की उपज क्षमता स्थानीय अति उत्तम अंत: प्रजाति किस्मों
धान (चावल) महत्वपूर्ण खाद्य स्रोत है और धान (चावल) आधारित पद्धति खाद्य गरीबी उम्मूलन और बेहतर आजीविका के लिए जरूरी है। विश्व में धान (चावल) के कुल उत्पादन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा कम आय वाले देशों में छोटे स्तर
रमाशंकर मौर्य, होशंगाबाद समाधान – संकर धान का विस्तार बड़ी तेजी से हो रहा है कारण इससे अधिक उत्पादन भी अच्छा मिलता है परंतु कुछ सावधानियों का पालन आवश्यक होगा। रोपा पद्धति द्वारा ही इसे लगाया जाये छिड़क के नहीं
घाटे की खेती आज देश की सभी सरकारें हैरान हैं कि अन्नदाता अपनी आवाज उठाने के लिए क्यों और कैसे खड़े हो रहे हैं और उग्र रूप धारण कर रहे है। किसान की हालत पीढ़ी दर पीढ़ी बद से बदतर