उत्तर प्रदेश में भी संकट में फंसता अन्नदाता
घाटे की खेती आज देश की सभी सरकारें हैरान हैं कि अन्नदाता अपनी आवाज उठाने के लिए क्यों और कैसे खड़े हो रहे हैं और उग्र रूप धारण कर रहे है। किसान की हालत पीढ़ी दर पीढ़ी बद से बदतर
धान की खेती से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें। यहां उन्नत एवं अधिक उपज देने वाली धान की किस्में, कम पानी वाली किस्में, डीएसआर (सीधी बुआई) तकनीक, बोरो धान, जेठी धान, बुआई का समय, बीज दर, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, कटाई, भंडारण तथा उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञ सलाह और नवीनतम अपडेट उपलब्ध हैं। धान की फसल में पीलेपन, पोषक तत्वों की कमी और अन्य कृषि समस्याओं के समाधान भी यहां पढ़ें।
घाटे की खेती आज देश की सभी सरकारें हैरान हैं कि अन्नदाता अपनी आवाज उठाने के लिए क्यों और कैसे खड़े हो रहे हैं और उग्र रूप धारण कर रहे है। किसान की हालत पीढ़ी दर पीढ़ी बद से बदतर
अर्जुन पटेल, सिवनीसमाधान- वर्तमान में परम्परागत फसल धान के क्षेत्र में एक बार फिर से ना केवल अपना परम्परागत क्षेत्र वापस लिये बल्कि नये क्षेत्रों में विस्तार भी किया है। सोयाबीन फसल जहां भी बढ़ाई गई उसके कुछ क्षेत्रों में
चावल दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसलों में से एक है। वर्ष 2016-17 में भारत में 44.5 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र पर चावल की खेती की गयी, जिससे कुल उत्पादन 1060 लाख टन प्राप्त हुआ। जिसका वैश्विक स्तर पर 28 प्रतिशत
घनश्याम चौकसे, धमतरी समाधान – आपका प्रश्न सामयिक है प्रति उत्तर का लाभ अन्य कृषकों को भी मिल सकेगा क्योंकि धान की नर्सरी डाली जाना है और बीजोपचार जरूरी है आप निम्न उपाय करें। धान के बीज बंडे से निकालकर
धान उत्पादक कम्पनियों की संकर एवं उन्नत किस्में कंपनी किस्में महिको एमपीएच-501, सुरुचि नाथ बायोजीन कबीर-508,लोकनाथ-505, 510,नाथ पोहा, गोरखनाथ-509, मेनका, पदमिनी मानसेंटो आरएच-257, 664 जेके. एग्री जेनेटिक्स जेकेआरएच-401,10, 1220 गंगा कावेरी वरदान, गरिमा, पार्वती, दुर्गा,
नई दिल्ली। लगातार दो वर्ष के सूखे के बाद इस बार अच्छी बारिश को देखते हुए देश में खाद्यान्न उत्पादन चालू फसल वर्ष 2016-17 में रिकॉर्ड स्तर यानी 27 लाख करोड़ टन पर पहुंचने की उम्मीद है। लेकिन नोटबंदी और
समस्या- एक एकड़ धान में कितने प्रतिशत जिंक सल्फेट डालना है? समाधान- धान में जिंक सल्फेट रोपाई के समय (मचाई में) 10 किलो प्रति एकड़ या खड़ी फसल में 2 किलो जिंक सल्फेट के साथ 4 किलो यूरिया मिलाकर डाल
धान रोपाई के परंपरागत तरीकों में बीज को नर्सरी में बोया जाता है फिर पौधे को धीरे से निकाल कर साफ करके गुच्छा बनाकर जुताई किए गए मिट्टी में बोया जाता है। हाथ से रोपाई करने का काम बहुत मुश्किल
नियंत्रण के उपाय शुद्ध बीजों का प्रयोग- बुआई हेतु प्रमाणित एवं शुद्ध बीजों का प्रयोग किया जाना चाहिए। आजकल बोये जाने वाले अधिकांश बीज अशुद्धताओं से परिपूर्ण होते हैं तथा प्रतिवर्ष खरपतवारों के प्रसारण में योगदान देते हैं। प्राय: यह
भारतीय बीज कंपनियों के शीर्ष संगठन नेशनल सीड एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनएसए) के अध्यक्ष श्री मांडव प्रभाकर राव के मुताबिक बाजार कारकों के असर और मानसून की अनिश्चितताओं से आगामी खरीफ सीजन में फसलों के पैटर्न में बड़ा बदलाव आएगा