बीटी कपास
बीज के चयन में बीटी किस्म/संकर का चुनाव क्षेत्र एवंं भूमि के अनुरूप करें। बीज अधिकृत विक्रेता से ही खरीदें। बीज क्रय रसीद या बिल आवश्यक रूप से लें। बुवाई समय रिफ्यूजिया कतारें आवश्यक रूप से लगायें। बीटी बीज के
कपास की खेती से जुड़ी ताज़ा खबरें, उन्नत एवं अधिक उपज देने वाली किस्में, बुआई का समय, बीज दर, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, गुलाबी सुंडी एवं अन्य कीटों का नियंत्रण, रोग प्रबंधन, कटाई और उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी यहां प्राप्त करें।
बीज के चयन में बीटी किस्म/संकर का चुनाव क्षेत्र एवंं भूमि के अनुरूप करें। बीज अधिकृत विक्रेता से ही खरीदें। बीज क्रय रसीद या बिल आवश्यक रूप से लें। बुवाई समय रिफ्यूजिया कतारें आवश्यक रूप से लगायें। बीटी बीज के
अंग्रेजी भाषा के दो अक्षरों का शब्द बीटी (क्चह्ल) अपने पूर्ण रूप में बेलिस थ्यूरेनजिनेसिस नाम से जाना जाता है। यह एक बीजाणु बनाने वाला बेक्टीरिया है जो प्रोटीन के पारदर्शाी कण (क्रिस्टल) जिसे क्राई कहते हैं बनाता है। ये
मध्यप्रदेश में सन् 2002 तक मुख्यत: कपास की गोसीपियम हिरसूटम (40′) गोसीपियम आर्बोरियम (20′) एवं गोसीपियम हर्बेशियम प्रजातियों के साथ लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र में संकर प्रजातियां लगायी जाती थी। भारत शासन द्वारा सन् 2002 से किसानों को जेनेटिकली माडीफाइड
(कृषक जगत विशेष) भोपाल। राज्य शासन ने खरीफ 2017 के लिए बी.टी. कॉटन की 38 नई किस्मों को विक्रय अनुमति दी है। इसमें 23 कंपनियों की किस्में शामिल हैं। 38 नई किस्मों के कुल 3 लाख 32 हजार से अधिक
मुम्बई। कपास के दाम 2016-17 में अपेक्षाकृत ऊंचे रहे हैं और मौजूदा वित्त वर्ष में भी यही रुख जारी है। इससे किसानों को इस वित्त वर्ष में कपास की और ज्यादा खेती करने का प्रोत्साहन मिलेगा। फलस्वरूप इसका रकबा भी
इन्दौर। निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों ने कावेरी सीड्स के कपास की विभिन्न किस्मों से भरपूर उत्पादन लेकर अपने परिवार की साधन सम्पन्नता में वृद्धि पाई है। ग्राम इन्दरपुर जिला बड़वानी के कृषक श्री हरेसिंह फत्तूजी बड़ोले
इस वर्ष देश में कपास उत्पादन के परिणाम उत्साहवर्धक प्राप्त हुए हैं। पिछले वर्ष जहां देश में कपास की फसल 118.81 लाख हेक्टर में लगाई गई थी तथा उत्पादन 350.70 लाख गांठों का हुआ, वहाँ इस वर्ष कपास की खेती
बड़वानी। अंचल में फसल पर सभी पोषक तत्वों की पूर्ति करने वाले उर्वरकों का उपयोग कृषक नगण्य मात्रा में करते हैं। इन सभी पोषक तत्वों की पूर्ति करने वाले उर्वरक का उपयोग, बीज दर कम करने के तरीके बताने के
महाराष्ट्र हाइब्रिड सीड्स कंपनी प्रा. लि. जालना (महिको) देश की प्रमुख अग्रणी कपास बीज उत्पादक कंपनी है। कंपनी द्वारा गत वर्ष चैतन्य कपास की किस्म को लांच किया था जिसे किसान भाईयों ने काफी सराहा। चैतन्य किस्म 170 दिन वाली