राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि अवसंरचना निधि योजना पर कार्यशाला संपन्न

01 सितम्बर 2025, जबलपुर: कृषि अवसंरचना निधि योजना पर कार्यशाला संपन्न –  प्रदेश में भारत सरकार की कृषि अवसंरचना निधि योजना की विशेषताओं का प्रचार-प्रसार करने कृषकों, व्यापारियों, उद्यमियों एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को इन योजनाओं से अवगत कराने एक दिवसीय संभागीय कार्यशाला का आयोजन  किया गया। जिसमें कृषि अवसंरचना निधि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विषयों पर सारगर्भित चर्चा की गई। इस कार्यशाला में जबलपुर संभाग के सभी जिलों के व्यापारी, कर्मचारी एवं अधिकारी गण भी उपस्थित रहे।      

कार्यशाला में बताया गया कि देश में कृषि अवसंरचना सुधार के क्रम में वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से कृषि अवसंरचना निधि योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसमें 01 लाख करोड़ रुपये का भारत सरकार द्वारा कोष सृजित किया गया है। योजना में बैंकों से ऋण लेने पर राशि रूपये 2 करोड़ तक योजना स्वीकृत होने पर 3% प्रतिवर्ष की ब्याज की छूट हितग्राही को उपलब्ध कराई जा रही है।  कार्यशाला में बड़े स्तर पर जबलपुर संभाग की मंडियों से आए हुए व्यापारियों तथा कृषकों द्वारा अपनी जिज्ञासा अनुरूप प्रश्न पूछे गए जिसका समाधान कारक उत्तर उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा दिया गया। साथ ही उक्त योजना से संबंधित पाठ्य सामग्री का वितरण किया गया। एआईएफ योजना की उपयोगिता बताई गई तथा उपस्थित प्रतिभागियों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की। साथ ही इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने हेतु आह्वान किया गया। इस कार्यशाला में महिला प्रतिभागियों द्वारा भी बहुतायत में हिस्सा लिया गया।

डॉ. पूजा सिंह, उप संचालक-एआईएफ द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना पर विस्तृत चर्चा की गई जिसमें उनके द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त योजना के तहत वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, राइपनिंग चेंबर, प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट, दाल मिल, फ्लोर मिल, आटा मिल, कस्टम हायरिंग सेंटर, मसाला उद्योग, बांस प्रोसेसिंग उद्योग इत्यादि में इस योजना का लाभ ले सकते हैं। एआईएफ पोर्टल का तकनीकी प्रशिक्षण कृषि नोडल- एआईएफ श्री गोविंद प्रसाद शर्मा द्वारा दिया गया। कार्यशाला में हितग्राहियों को हर संभव सहायता मुहैया कराना और इससे लाभान्वित होने का आव्हान किया। कार्यशाला में बताया गया कि इस योजना में अभी तक जबलपुर संभाग में 2164 आवेदनों में 1590 करोड़ रूपये तथा प्रदेश में 15,024 आवेदनों में रु. 9459 करोड़ रुपये की राशि बैंक द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है जिससे म.प्र..  देश में प्रथम स्थान पर  है ।

कार्यशाला में संयुक्त संचालक मंडी बोर्ड मो. शाहिद खान, उप संचालक- एआईएफ डॉ. सिंह, कृषि नोडल- एआईएफ श्री शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक श्री आदित्य राज सिंह चौहान, सहायक उपनिरीक्षक श्री राहुल कुमार देवहारे तथा बड़ी संख्या में संभाग के समस्त जिलों के कृषकों, व्यापारियों, उद्यमियों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, बैंक व मंडी समितियों के सचिव एवं कर्मचारी, मीडिया के साथी सहित किसान एवं व्यापारी प्रतिनिधि कार्यशाला में सम्मिलित हुए।

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