राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में सरकार की इस योजना से

30 अगस्त 2025, भोपाल: बिहार में सरकार की इस योजना से – मत्स्य पालन के स्रोत में अब साल भर रहेगी जल की उपलब्धता बिहार की सरकार द्वारा अपने राज्य में मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है लेकिन अब सरकार ने एक योजना ऐसी संचालित की है जिस कारण साल भर तक मत्स्य पालन के स्तोत्र तालाब आदि में पानी की उपलब्धता रहेगी।

 बिहार सरकार द्वारा 2025-26 में जल कृषि सौरीकरण के तहत “बोरिंग-सह-सोलर-सबमर्सिबल पम्पसेट अधिष्ठापन की योजना” चलाई जा रही है।

योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन के स्रोत जैसे तालाब, पोखर, बायोफ्लॉक, आरएएस आदि में मत्स्य पालन हेतु सालों भर जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। योजना के तहत इच्छुक व्यक्ति 31 अगस्त 2025 तक पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। बोरिंग-सह-सोलर-समरसेबुल पम्पसेट अधिष्ठापन की योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में 355 बोरिंग सह सोलर सबमर्सिबल पंपसेट का अधिष्ठापन किया जाएगा। योजना के तहत सभी वर्गों के लाभार्थियों को 80 प्रतिशत का अनुदान दिया जायेगा। शेष राशि का वहन लाभार्थी को स्वयं अपने पास से अथवा बैंक ऋण से करना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास न्यूनतम 0.25 एकड़ जल क्षेत्र का तालाब होना अनिवार्य है साथ ही योजना के तहत आवेदन के दौरान तालाब का पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ संलग्न करना होगा। योजना का लाभ हेतु एक व्यक्ति अथवा परिवार को न्यूनतम 0.25 जलक्षेत्र से 2.5 एकड़ जलक्षेत्र तक के तालाब पर अधिकतम एक बोरिंग तथा एक सोलर सबमर्सिबल पम्प सेट इकाई का अधिष्ठापन का लाभ ही मिलेगा। योजना के तहत बोरिंग-सह-सोलर सबमर्सिबल पम्पसेट, पाइप आदि सामग्रियों का क्रय लाभुकों के द्वारा योजना के तहत सूचीबद्ध आपूर्तिकर्ता से स्वयं किया जाएगा। योजना के तहत लाभुकों का चयन उप मत्स्य निदेशक (परिक्षेत्र) की अध्यक्षता में गठित चयन समिति के द्वारा किया जाएगा।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.global-agriculture.com

Advertisements
Advertisement
Advertisement