Ad DesktopAd TabletAd Mobile
फसल की खेती (Crop Cultivation)राज्य कृषि समाचार (State News)

सितंबर-अक्टूबर का समय ग्लैडियोलस की खेती के लिए बेहतर

24 अगस्त 2025, भोपाल: सितंबर-अक्टूबर का समय ग्लैडियोलस की खेती के लिए बेहतर – कृषि वैज्ञानिकों ने आगामी सितंबर से लेकर अक्टूबर माह तक के समय को ग्लेडियोलस की खेती करने के लिए बेहतर समय बताया है.  वैज्ञानिकों ने किसानों से यह कहा है कि वे यह खेती करें तो निश्चित ही अच्छा मुनाफा हो सकता है.

बाजार में भारी मांग और आसान खेती

ग्लैडियोलस एक ऐसा फूल है, जिसकी बाजार में भारी मांग और आसान खेती के कारण किसान कम समय में शानदार मुनाफा कमा सकते हैं. शादी-ब्याह, त्योहारों और स्वागत समारोह में गुलदस्ते, बुके के लिए इसकी सबसे ज्यादा मांग होती है. वर्तमान में, भारत में फूलों की खेती में क्षेत्रफल और उत्पादन के मामले में ग्लेडियोलस तीसरे स्थान पर है. ग्लेडियोलस मुख्य रूप से सर्दियों में उगाया जाने वाला फूल है, लेकिन मध्यम जलवायु वाले क्षेत्रों में इसकी खेती लगभग पूरे साल की जा सकती है. इसकी बुआई का सबसे अच्छा समय सितंबर-अक्टूबर से लेकर नवंबर-दिसंबर तक होता है.

मांग के अनुसार रंगों का चुनाव करना सबसे बेहतर

वैसे तो ग्लैडियोलस की हजारों किस्में हैं, लेकिन बाजार की मांग के अनुसार रंगों का चुनाव करना सबसे बेहतर होता है. मुख्य रूप से पीले, सफेद, गुलाबी और लाल रंग के फूलों की मांग सबसे ज्यादा रहती है. मैदानी इलाकों में खेती के लिए कुछ प्रमुख किस्में हैं-स्नो क्वीन, सिल्विया, एपिस ब्लासम अग्नि, रेखा, पूसा सुहागिन, नजराना आरती, अप्सरा, शोभा, सपना और पूनम इसकी बेहतर किस्में हैं.

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

इसकी खेत की तैयारी के समय प्रति एकड़ 5 से 6 टन अच्छी सड़ी हुई कंपोस्ट खाद, 80 किलो नाइट्रोजन, 160 किलो फास्फोरस और 80 किलो पोटाश की जरूरत होती है. इन उर्वरकों को देने का सही तरीका यह है कि बुवाई के समय खेत में कंपोस्ट, फास्फोरस और पोटाश की पूरी मात्रा मिला दें. इसके साथ, नाइट्रोजन की कुल मात्रा का केवल एक-तिहाई (⅓) हिस्सा ही बेसल डोज के रूप में डालें. शेष बची हुई नाइट्रोजन को दो बराबर हिस्सों में बांटकर टॉप ड्रेसिंग के रूप में देना चाहिए.

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com