सहकारी संस्थाओं की सेवाओं को और अधिक पारदर्शी बनायेंगे : डॉ. भदौरिया

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सहकारिता के माध्यम से वित्तीय समावेशन एवं डिजिटिलीकरण पर वैचारिक संगोष्ठी

27 नवम्बर 2020, भोपाल। सहकारी संस्थाओं की सेवाओं को और अधिक पारदर्शी बनायेंगे : डॉ. भदौरिया सहकारिता के माध्यम से सदस्यों और उपभोक्ताओं को प्रदान की जा रही सेवाओं के बारे में वित्तीय रूप से साक्षर बनाकर जहां एक ओर संस्थाओं की सेवाओं को अधिक जनोन्मुखी बनाया जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर वित्तीय साक्षरता से वित्तीय अनियमितताओं को भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकेगा। सहकारी संस्थाओं के डाटाबेस का डिजिटलीकरण भी किया जाना जरूरी है, इससे संस्थाओं के कार्य-व्यवहार एवं लेखाओं को अधिक पारदर्शी एवं प्रमाणिक बनाया जा सकेगा। यह बात गतदिनों सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने समन्वय भवन में अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित वैचारिक संगोष्ठी में कही। संगोष्ठी का विषय सहकारिता के माध्यम से वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण एवं सोशल मीडिया था।

प्रमुख सचिव, सहकारिता श्री उमाकांत उमराव ने कहा कि वर्तमान दौर में यदि बाजार में टिके रहना है तो वर्तमान के साथ चलना होगा। आज का समय डिजिटल का है। सहकारिता क्षेत्र में कार्य करने वाले अधिकारी और कर्मचारी को इसमें पारंगत होना बहुत जरूरी है। संगोष्ठी के प्रारंभ में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ डॉ. महेश अग्रवाल ने अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के तहत 14 से 20 नवम्बर तक आयोजित किये गये कार्यक्रमों से अवगत कराया। संगोष्ठी में महाप्रबंधक नाबार्ड श्री डी.एस. चौहान व रिजर्व बैंक की सहायक महाप्रबंधक सुश्री ज्योति सक्सेना ने भी अपने विचार रखे। डिजिटलीकरण व सोशल मीडिया के संबंध में आई.टी. विशेषज्ञ श्री मोहित शुक्ला ने प्रकाश डाला। विषय-विशेषज्ञ श्री लोकेन्द्र सिंह राजपूत ने सोशल मीडिया का छवि निर्माण एवं व्यवसाय में वृद्धि के लिये अधिक से अधिक उपयोग का सुझाव दिया। आभार प्रदर्शन अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री प्रदीप नीखरा ने किया।

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