भोपाल में श्वेत क्रांति 2.0 का आगाज़, गौशालाओं को 101 करोड़ और उज्जैन में 255 करोड़ का डेयरी प्लांट
06 अक्टूबर 2026, भोपाल: भोपाल में श्वेत क्रांति 2.0 का आगाज़, गौशालाओं को 101 करोड़ और उज्जैन में 255 करोड़ का डेयरी प्लांट – केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन में श्वेत क्रांति 2.0 की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश के 11 जिलों से आए करीब 35 हजार गोपालकों को कई बड़ी घोषणाएं सौंपी।
शाह ने गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपये देने और उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले डेयरी प्रसंस्करण संयंत्र का वर्चुअल भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे और उन्होंने भी गोपालकों को संबोधित किया।
शाह ने कहा कि गोपालकों के इस सम्मेलन में आई भीड़ मध्य प्रदेश में श्वेत क्रांति के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि पशुधन और दुग्ध उत्पादन देश के किसानों तथा गौवंश पालकों की समृद्धि का प्रमुख आधार है, और केंद्र सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालकों को कई तरह की सहायता दे रही है।
सम्मेलन में शामिल ज्यादातर गोपालक छोटे और मझोले पशुपालक थे, जो रोजाना दूध बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि इन्हीं किसानों को संगठित करके सहकारी ढांचे से जोड़ना श्वेत क्रांति 2.0 का मुख्य मकसद है।
किन परियोजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण हुआ
कार्यक्रम में उज्जैन के तीन लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रसंस्करण संयंत्र के अलावा भोपाल में 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता के डेयरी प्लांट पर 16.5 करोड़ रुपये, राज्य स्तरीय प्रयोगशाला पर 12.42 करोड़ रुपये और शिवपुरी की मिनी डेयरी पर 6.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
शाह ने बताया कि मध्य प्रदेश अभी प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर दूध का उत्पादन करता है, जिसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रदेश के 313 विकासखंडों में पशुपालन को बढ़ावा देने वाली प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि गांव-गांव में किसान बेहतर नस्ल और प्रबंधन की ओर प्रेरित हों।
भोपाल में बन रहे 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट और शिवपुरी की मिनी डेयरी से आसपास के जिलों के पशुपालकों को दूध बेचने के लिए नजदीकी बाजार मिल सकेगा, जिससे परिवहन की लागत भी घटेगी।
देशभर में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां
केंद्र सरकार ने देश के गांवों में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां बनाने का लक्ष्य रखा है, और इसमें सबसे ज्यादा समितियां मध्य प्रदेश में बनेंगी। शाह के मुताबिक सहकारी समितियों के जरिए जुड़ने वाले किसानों को दूध का 55 रुपये प्रति लीटर तक भाव मिल सकेगा, जबकि बिचौलियों के माध्यम से बिक्री करने पर अभी किसानों को औसतन 35 रुपये प्रति लीटर ही मिल पाता है।
यानी सहकारी समिति से जुड़ने पर किसान को प्रति लीटर करीब 20 रुपये ज्यादा मिल सकते हैं, जो रोजाना दूध बेचने वाले परिवारों की मासिक आमदनी में बड़ा फर्क ला सकता है। केंद्र सरकार का मानना है कि बिचौलियों की भूमिका घटाकर ही पशुपालकों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
शाह ने गौ-नस्ल सुधार के लिए 50 एकड़ में चलने वाले कार्यक्रम का भी जिक्र किया और मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त बनाने की योजना की बात कही। गौ-नस्ल सुधार कार्यक्रम से आने वाले वर्षों में दुधारू पशुओं की औसत उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
पशुपालन और डेयरी क्षेत्र देश के लाखों छोटे व सीमांत किसानों की आय का बड़ा स्रोत है, और दूध की कीमत में बिचौलियों का हिस्सा घटाकर किसानों तक सीधा भुगतान पहुंचाने की यह कोशिश आने वाले महीनों में अन्य राज्यों में भी दोहराई जा सकती है। मध्य प्रदेश को इस राष्ट्रीय अभियान में आगे रखकर केंद्र सरकार इसे अन्य दुग्ध उत्पादक राज्यों के लिए एक मॉडल के तौर पर पेश करना चाहती है।
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