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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में मौसम का कहर: भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भारी बारिश, कई जिलों में ओले गिरे; IMD ने जारी किया अलर्ट

21 मार्च 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में मौसम का कहर: भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भारी बारिश, कई जिलों में ओले गिरे; IMD ने जारी किया अलर्ट – भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्यप्रदेश के लिए ताज़ा मौसम रिपोर्ट जारी की है। IMD के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि दर्ज की गई। भोपाल, जबलपुर, सागर और रीवा संभागों के कई जिलों में बारिश हुई, जबकि शिवपुरी, रायसेन, विदिशा और मंडला जिलों में ओले गिरे। अन्य संभागों में मौसम मुख्यतः शुष्क और ठंडा रहा।

तापमान की स्थिति

राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में अधिकतम तापमान 6.0°C से 8.5°C तक कम हुआ। भोपाल, उज्जैन और जबलपुर संभागों में अधिकतम तापमान 2.7°C – 3.6°C तक गिरा। राज्य में सबसे गर्म स्थान खरगौन रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.6°C दर्ज किया गया। वहीं सबसे ठंडा क्षेत्र करौंद़ी (कटनी) रहा, जहां न्यूनतम तापमान 11.3°C था।

न्यूनतम तापमान में भी गिरावट देखी गई। भोपाल, सागर और जबलपुर संभागों में यह 2.2°C – 3.7°C तक गिरा, जबकि ग्वालियर, रीवा और शहडोल संभागों में यह 4.1°C – 6.2°C तक कम हुआ।

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वर्षा और ओलावृष्टि

राज्य के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों में वर्षा हुई। सबसे अधिक बारिश खजुराहो एयरपोर्ट में 59.6 मिमी दर्ज की गई, जबकि बकाल में 44.0 मिमी और छतरपुर में 33.1 मिमी बारिश हुई। मंडला, रीठी, रायपुरा और नैनपुर जैसे क्षेत्रों में भी 20-30 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई।

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ओलावृष्टि शिवपुरी, रायसेन, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना और मंडला जिलों में हुई। IMD ने इन क्षेत्रों में लोगों और किसानों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

तेज़ हवाओं और आंधी

राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और आंधी का असर रहा। कटनी में हवाओं की रफ्तार 67 किमी/घंटा, जबलपुर में 56 किमी/घंटा और चिलकूट तथा नरसिंहपुर में 52 किमी/घंटा तक दर्ज की गई। भोपाल, रीवा और सागर संभागों के अन्य क्षेत्रों में भी तेज हवाओं के साथ आंधी का प्रभाव देखा गया।

मौसम प्रणाली और परिस्थिति

मध्यप्रदेश के ऊपर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। यह प्रणाली वर्तमान में उत्तर हरियाणा से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्यप्रदेश तक समुद्र तल से 3.1 से 12.6 किमी ऊँचाई पर स्थित है। निचले स्तर में राजस्थान और पाकिस्तान के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। पूर्वी भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किमी ऊँचाई पर उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम लगभग 130 किमी/घंटा की गति से बह रही है।

IMD के अनुसार, 26 मार्च तक उत्तर-पश्चिमी भारत में नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम अस्थिर बना रहेगा।

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