राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्य प्रदेश के 9 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी

20 जुलाई 2024, इंदौर: मध्य प्रदेश के 9 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी – मौसम केंद्र, भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन संभागों के जिलों में कहींकही; चंबल, रीवा, शहडोल, सागर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर; ग्वालियर, जबलपुर संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर; भोपाल संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा दर्ज़ की गई एवं शेष सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ में सर्वाधिक 101 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई। 1 जून से 20 जुलाई तक दीर्घावधि औसत से  मप्र में 9 % वर्षा कम हुई है। पूर्वी मप्र में औसत से 20 % कम वर्षा हुई, वहीं पश्चिमी मप्र में औसत से 2 % अधिक वर्षा हुई है ।

मौसम की स्थिति – मानसून ट्रफ वर्तमान में जैसलमेर, अजमेर, दमोह, मंडला, रायपुर,ओडिशा के ऊपर सक्रिय डिप्रेशन के केंद्र से होते  हुए दक्षिण – पूर्व की ओर पूर्व- मध्य बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। वर्तमान में मध्य पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं के बीच ट्रफ के रूप में सक्रिय है। मध्य राजस्थान के ऊपर, सौराष्ट्र और कच्छ के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण – पश्चिम झुकाव के साथ सक्रिय है। दक्षिण गुजरात में अपतटीय ट्रफ भी अवस्थित है।

पूर्वानुमान – मौसम केंद्र ने अगले 24  घंटों में रायसेन, सीहोर ,  नर्मदा पुरम, बैतूल, बुरहानपुर,छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट और पांढुर्ना जिलों में वज्रपात / झंझावात के साथ कहीं -कहीं अति भारी वर्षा (115.6 – 204.4 मि मी.) की चेतावनी दी गई है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, विदिशा , राजगढ़, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी जिले में वज्रपात / झंझावात के साथ कहीं कहीं भारी वर्षा (64.5 – 115.5  मि .मी.) होने की संभावना है। राज्य के  कई  जिलों में अनेक स्थानों पर वज्रपात और झंझावात की संभावना व्यक्त की गई है।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement