राज्य कृषि समाचार (State News)

संयुक्त किसान मोर्चा ने देपालपुर में सौंपा ज्ञापन

25 सितम्बर 2025, इंदौर: संयुक्त किसान मोर्चा ने देपालपुर में सौंपा ज्ञापन – समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी शुरू करने एवं प्याज के गिरते दाम को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने  देपालपुर एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संयुक्त किसान मोर्चा के  श्री चन्दन सिंह बड़वाया के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में किसानों ने राज्य की सरकार से केंद्र को सोयाबीन खरीदी का प्रस्ताव बनाकर जल्द से जल्द भेजने एवं  सोयाबीन का समर्थन मूल्य पर खरीदी के पंजीयन शुरू करने की मांग की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

किसान नेताओं  ने कहा कि इस समय सोयाबीन की कटाई का कार्य जिले भर में चल रहा है । सोयाबीन का उत्पादन हर वर्ष के मुकाबले प्रति क्विंटल कम आ रहा है । पीला मोजेक वायरस की चपेट में आने से सोयाबीन का उत्पादन भारी मात्रा में गिरा है ,साथ ही सोयाबीन के दाम मंडियों में लगातार गिरते जा रहे हैं ,जिससे किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है । किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्याज के दाम अत्यंत निम्न स्तर पर पहुँच गए हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

  किसान नेता सर्व श्री रामस्वरूप मंत्री ,चंदन सिंह बड़वाया शैलेंद्र पटेल ने बताया कि केंद्र की सरकार एम एस पी तो हर साल घोषित करती है परंतु फसल की खरीदी  सुनिश्चित नहीं करती जिससे किसानों को अपनी फसल का  वाजिब दाम नहीं मिलता।  बिचौलियों व्यापारियों द्वारा औने-पौने दामों पर फसल खरीदी की जा रही है, जिससे किसानों को उनकी लागत भी नहीं निकल रही है। यही हाल प्रदेश में प्याज के दामों को लेकर है ।मंडियों में वर्तमान में  प्याज के दाम ₹5-8 प्रति किलो मिल रहे हैं, जो लागत मूल्य से भी कम है। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को जल्द प्याज के गिरते दामों पर नियंत्रण कर किसानों के हित में ठोस रणनीति बनाकर प्याज निर्यात कर बोनस राशि की घोषणा करना चाहिए । भारतीय किसान मजदूर सेना के प्रदेश अध्यक्ष श्री बबलू जाधव ने  कहा कि  सोयाबीन की सरकारी मूल्य पर खरीदी नहीं होती है, तो जल्दी बड़ा आंदोलन किया जाएग।आपने सोयाबीन ₹8000 प्रति  क्विंटल  की दर  से खरीदी की मांग दोहराई। ज्ञापन देने के दौरान बड़ी संख्या में कई वरिष्ठ  एवं अन्य किसान मौजूद थे।

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