Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

16 एकड़ में तैयार किया अनोखा कृषि मॉडल, जैविक खेती से कमा रहे लाखों रुपए; सागर के युवा किसान की देशभर में चर्चा

19 जून 2026, भोपाल: 16 एकड़ में तैयार किया अनोखा कृषि मॉडल, जैविक खेती से कमा रहे लाखों रुपए; सागर के युवा किसान की देशभर में चर्चा – मध्य प्रदेश के सागर जिले के ग्राम कपुरिया के युवा कृषक आकाश चौरसिया प्राकृतिक और जैविक खेती के क्षेत्र में एक नई पहचान बन चुके हैं। 16 एकड़ में विकसित उनके कृषि मॉडल की चर्चा अब केवल जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। प्राकृतिक खेती, मल्टीलेयर फार्मिंग, बागवानी और पशुपालन को एक साथ जोड़कर उन्होंने ऐसा कृषि मॉडल तैयार किया है, जिससे वे लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।

36 से अधिक किस्मों की फसलों का कर रहे उत्पादन

आकाश चौरसिया अपने जैविक फार्म में सरसों, राई और गेहूं की लगभग 36 किस्मों का उत्पादन करते हैं। इसके अलावा बारहमासी अरहर, उड़द तथा चने की करीब 16 विभिन्न किस्मों की खेती भी कर रहे हैं। उद्यानिकी फसलों के तहत उन्होंने मल्टीलेयर फार्मिंग अपनाते हुए काली हल्दी, अदरक, करेला, पपीता, सहजन और कुंदुरू जैसी फसलों का उत्पादन शुरू किया है, जिससे उन्हें अच्छा आर्थिक लाभ मिल रहा है।

बागवानी और प्राकृतिक खेती से बढ़ रही आय

कृषक आकाश चौरसिया ने अपने फार्म में चौसा, दशहरी, केसर, लंगड़ा और बारहमासी आम सहित कई उन्नत प्रजातियों के फलदार पौधे लगाए हैं। साथ ही नींबू, संतरा, हरड़ और बहेड़ा जैसे पौधों का भी उत्पादन किया जा रहा है। आम की बागवानी से हर वर्ष लगभग चार टन उत्पादन प्राप्त होता है, जिसकी दिल्ली, मुंबई सहित कई बड़े शहरों में आपूर्ति की जाती है। कटहल सहित अन्य फलों की भी बाजार में अच्छी मांग है, जिससे उनकी आय लगातार बढ़ रही है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile

देशी गायों के साथ आत्मनिर्भर कृषि प्रणाली

आकाश चौरसिया अपने फार्म में गिर, मालवी और साहीवाल नस्ल की देशी गायों का पालन करते हैं। उनकी गौशाला पूरी तरह प्राकृतिक पद्धति पर आधारित है। गायों को जैविक रूप से उगाई गई शतावरी, मुसली और अन्य औषधीय पौधों का आहार दिया जाता है। इससे प्राप्त दूध और घी की बाजार में अच्छी मांग है। फार्म में गोबर गैस संयंत्र भी स्थापित है, जबकि गोबर से तैयार जैविक खाद का उपयोग खेती में किया जाता है। इसके अलावा नस्ल सुधार के लिए गिर नस्ल के नंदी किसानों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।

5 एकड़ में विकसित किया हरित क्षेत्र

प्राकृतिक खेती के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में बांस, हरड़, बहेड़ा सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर वनीकरण किया है। इसी क्षेत्र में पशु प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं, जिससे फार्म की जैव विविधता भी मजबूत हुई है।

1.56 लाख किसानों को दे चुके हैं प्रशिक्षण

आकाश चौरसिया का फार्म केवल उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और सीखने का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहां अब तक लगभग 1 लाख 56 हजार किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आत्मा परियोजना के माध्यम से प्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों के किसान यहां प्रशिक्षण लेने पहुंचते हैं और आधुनिक व टिकाऊ खेती की तकनीकों को सीखते हैं।

कमिश्नर ने की सराहना

सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने हाल ही में कपुरिया पहुंचकर कृषि फार्म का निरीक्षण किया। उन्होंने मल्टीलेयर फार्मिंग, प्राकृतिक खेती, बागवानी, गौशाला और कृषि उत्पादों का अवलोकन किया। कमिश्नर ने आकाश चौरसिया के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे देश के युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं तथा प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उनका योगदान अनुकरणीय है।

प्राकृतिक खेती से बना आदर्श मॉडल

आकाश चौरसिया का कहना है कि प्राकृतिक खेती के कारण उनके फार्म का तापमान आसपास के क्षेत्रों की तुलना में 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक कम रहता है। इससे कई मौसमी फसलों और सब्जियों का उत्पादन आसान हो जाता है। उनका यह मॉडल दर्शाता है कि वैज्ञानिक सोच, प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग और जैविक खेती को अपनाकर कृषि को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय बनाया जा सकता है। यही कारण है कि आज उनका फार्म देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा और सीख का केंद्र बन चुका है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture