टमाटर की खेती ने बदल दी किसान की जिंदगी, एक एकड़ में कमाए 3 लाख रुपये; जानिए कैसे
07 जून 2026, भोपाल: टमाटर की खेती ने बदल दी किसान की जिंदगी, एक एकड़ में कमाए 3 लाख रुपये; जानिए कैसे – मेहनत, सही मार्गदर्शन और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से खेती आज किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय बनती जा रही है। इसका जीवंत उदाहरण छिंदवाड़ा जिले के हर्रई विकासखंड के ग्राम राबराखुर्द के किसान विष्णु हैं, जिन्होंने उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और अपनी लगन के बल पर मात्र एक एकड़ भूमि में टमाटर की खेती कर करीब 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
परंपरागत खेती से आधुनिक खेती की ओर बढ़ाया कदम
करीब तीन एकड़ कृषि भूमि के स्वामी विष्णु पहले परंपरागत फसलों की खेती करते थे, जिससे उन्हें सीमित आय प्राप्त होती थी। बेहतर आमदनी की तलाश में उन्होंने वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग की सलाह पर एक एकड़ भूमि में ड्रिप सिंचाई पद्धति के माध्यम से टमाटर की खेती शुरू की। यह निर्णय उनकी आर्थिक प्रगति का आधार साबित हुआ।
तकनीकी मार्गदर्शन से मिली सफलता
टमाटर की खेती के दौरान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें उन्नत बीजों के चयन, फसल प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा सिंचाई प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। समय-समय पर मिले तकनीकी मार्गदर्शन से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
कम लागत में मिला बेहतर उत्पादन
विष्णु ने टमाटर की खेती में बीज, खाद, दवाइयों, श्रम और अन्य कृषि कार्यों पर लगभग 1.50 लाख रुपये खर्च किए। ड्रिप सिंचाई और वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के कारण उन्हें करीब 1000 कैरेट टमाटर का उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में औसतन 450 रुपये प्रति कैरेट की दर मिलने से उनकी कुल आय लगभग 4.50 लाख रुपये रही।
एक एकड़ में 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ
कुल आय में से उत्पादन लागत निकालने के बाद विष्णु को लगभग 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। इस अतिरिक्त आय ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि परिवार के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाया है। उनका मानना है कि आधुनिक तकनीकों और सही मार्गदर्शन के साथ कम भूमि में भी अच्छी कमाई की जा सकती है।
अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा
विष्णु की सफलता ने आसपास के किसानों में भी नई उम्मीद जगाई है। अब क्षेत्र के कई किसान उद्यानिकी फसलों और आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। विष्णु अपनी उपलब्धि का श्रेय अपनी मेहनत, परिवार के सहयोग और उद्यानिकी विभाग द्वारा मिले तकनीकी मार्गदर्शन को देते हैं।
वैज्ञानिक खेती से खुल रहे समृद्धि के रास्ते
किसान विष्णु की यह सफलता साबित करती है कि यदि किसान वैज्ञानिक खेती, आधुनिक सिंचाई तकनीकों और विभागीय योजनाओं का लाभ लें, तो कम भूमि में भी बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त की जा सकती है। उनकी उपलब्धि कृषक कल्याण वर्ष 2026 की भावना को साकार करने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी नवाचार और आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
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