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राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों के रकबा एवं बोई गई फसल का सत्यापन होगा

21 फरवरी 2023, भोपाल: किसानों के रकबा एवं बोई गई फसल का सत्यापन होगा – मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों के लिए पंजीयन प्रक्रिया 6 फरवरी से प्रारंभ कर दी गई है। पंजीकृत किसानों के रकबा एवं बोई गई फसल का अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदार, नायब तहसीलदार के माध्यम से निर्धारित श्रेणी वार सत्यापन किया जाना है। विगत वर्ष के पंजीयन से 50 प्रतिशत अधिक रकवा वाले, 04 हेक्टेयर से अधिक रकबा वाले किसानों, सिकमी, बटाईदार, कोटवार किसान,कृषक के आधार नंबर एवं खसरे में नाम में भिन्नता, अन्य के स्वामित्व की भूमि,एवं अन्य सभी निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत सत्यापान किया जाएगा।

इस संबंध में शासन  ने सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसलदारों को निर्देश जारी किये गये है। जारी निर्देशानुसार सत्यापान कार्य 03 मार्च 2023 तक की अवधिमे पूर्ण किया जाना है। सत्यापन की प्रक्रिया पूर्व वर्ष की भांति रहेगी। किसान पंजीयन में किसान का नाम एवं भू अभिलेखों में दस्तावेजों में नाम का मिलान करायाजाए।किसान पंजीयन में उ भूमि का रकबे मिलान राजस्व रिकार्ड एवं बोई गई फसल का मौके परसत्यापन राजस्व विभाग के मैदानी अमले से कराया जाए।और सिकमी, बटाईदार किसान एवं अन्य के स्वामित्व की भूमि की श्रेणी में पंजीकृत किसान एव रकवे की पुष्टिवास्तविक भू-स्वामी से बोई गई फसल की मौके पर सत्यापन कर अनुबंध एवं अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया जाए।वन पट्टाधारी किसानों के रकबे, फसल की किस्म का सत्यापन वन विभाग के अमले द्वारा किया जाए।जिसकी प्रविष्टि DMMPSCSC Login से किया जाए।सत्यापन के उपरांत ही कृषकों से खरीदी की कार्यवाही की जाती है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए है कि सत्यापन की कार्यवाही पूरी गंभीरतासे की जाए। सत्यापन में पाई गई स्थिति अनुसार ही कृषक के सत्यापन में बोई गई फसल व पंजीयन में दर्शई गईफसल के रकबे में अंतर नहीं पाया जाता है तो सत्यापन करें, अंतर पाए जाने पर पोर्टल पर संशोधन की कार्यवाही आपके लॉगिन से दर्ज कर सत्यापित/असत्यापित करें।

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