राज्य कृषि समाचार (State News)

मौसम बदलने वाला है! किसानों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र की बड़ी सलाह, जानें क्या करें और क्या नहीं

12 जून 2026, भोपाल: मौसम बदलने वाला है! किसानों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र की बड़ी सलाह, जानें क्या करें और क्या नहीं – मध्यप्रदेश के सीधी जिले में आगामी दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है। कृषि विज्ञान केंद्र सीधी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शैलेन्द्र सिंह गौतम ने किसानों से मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने और कृषि कार्यों की योजना मौसम के अनुरूप बनाने की अपील की है।

डॉ. गौतम ने बताया कि आने वाले दिनों में गरज-चमक, तेज हवाओं और वर्षा की संभावना है। ऐसे मौसम का प्रभाव न केवल जनजीवन पर पड़ सकता है, बल्कि कृषि गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं। तेज हवाओं और बारिश के कारण फसलों, बागवानी पौधों तथा कृषि अधोसंरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।

किसानों को बरतनी होगी सावधानी

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवाओं के दौरान दृश्यता कम हो सकती है और सड़कें फिसलनयुक्त हो सकती हैं। ऐसे में किसानों और वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

खेतों में जल निकासी की करें व्यवस्था

संभावित वर्षा को ध्यान में रखते हुए किसानों को खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। जलभराव की स्थिति फसलों की वृद्धि को प्रभावित कर सकती है और उत्पादन में कमी ला सकती है।

विशेषज्ञों ने किसानों से कटाई, मड़ाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर बनाने का आग्रह किया है, ताकि अचानक मौसम खराब होने पर नुकसान से बचा जा सके।

फिलहाल न करें सिंचाई और छिड़काव

कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को सलाह दी है कि वर्षा की संभावना को देखते हुए फिलहाल सिंचाई, उर्वरकों का प्रयोग तथा कीटनाशक और फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव न करें। बारिश होने की स्थिति में इन कार्यों पर किया गया खर्च बेकार जा सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

बागवानी फसलों की करें देखभाल

बागवानी किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने बागों में कमजोर, सूखी और रोगग्रस्त शाखाओं की छंटाई करें। इससे तेज हवाओं के दौरान शाखाओं के टूटने की संभावना कम होगी और पौधों का विकास बेहतर होगा।

साथ ही आम और नींबू के नए बाग लगाने की योजना बना रहे किसान अभी से गड्ढों की खुदाई का कार्य शुरू कर सकते हैं। पुराने और अनुपयोगी बेर के पेड़ों की छंटाई कर बागों का बेहतर प्रबंधन भी किया जा सकता है।

पशुपालकों के लिए भी सलाह

पशुपालकों को पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में हरा चारा और खनिज मिश्रण उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। मौसम में बदलाव के दौरान पशुओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है, ताकि उनकी उत्पादकता प्रभावित न हो।

खरीफ सीजन की तैयारी अभी से करें

कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को आगामी खरीफ सीजन की तैयारी शुरू करने की सलाह दी है। इसके तहत खेतों से मिट्टी के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए, ताकि मृदा स्वास्थ्य के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग किया जा सके। इससे लागत कम होगी और फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मौसम की जानकारी पर रखें नजर

कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के पूर्वानुमानों और कृषि संबंधी सलाहों पर लगातार नजर रखें। किसी भी कृषि कार्य को शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी प्राप्त करें, ताकि फसलों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके।

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