मध्यप्रदेश में दाल मिल कारोबार का एक दिवसीय बंद सफल रहा
24 जून 2026, इंदौर: मध्यप्रदेश में दाल मिल कारोबार का एक दिवसीय बंद सफल रहा – मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.50 प्रतिशत किए जाने के निर्णय के विरोध में ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार, 23 जून को प्रदेशभर में दाल मिल कारोबार का एक दिवसीय बंद रखा गया, जो पूर्णतः सफल रहा।
ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल, सचिव श्री मुन्नालाल बंसल एवं सहसचिव श्री दिनेश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश की सभी दाल मिलों एवं दाल मिल संचालकों ने इस एक दिवसीय बंद को अपना पूर्ण समर्थन एवं सहयोग प्रदान किया। प्रदेशभर में दाल मिलों में आवक-जावक, लोडिंग-अनलोडिंग एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियां पूर्णतः बंद रहीं।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय प्रदेश के कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (दाल उद्योग),किसानों एवं व्यापारियों के हित में नहीं है। इस निर्णय से प्रदेश की दाल इंडस्ट्री, किसानों तथा व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पहले से ही मंडी शुल्क की दर अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात एवं छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में पिछले लगभग 20 वर्षों से मंडी शुल्क की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, अन्य राज्यों से मध्य प्रदेश में आने वाली दलहन पर वहां मंडी शुल्क अदा किए जाने के बावजूद प्रदेश में पुनः मंडी शुल्क लगाए जाने से दाल उद्योग दोहरे कर भार का सामना कर रहा है।एसोसिएशन ने चिंता व्यक्त की कि मंडी शुल्क में वृद्धि के कारण प्रदेश की दाल इंडस्ट्री
अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हो सकती है, जिससे प्रदेश के उद्योग, व्यापार एवं रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन ने मध्यप्रदेश शासन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विनम्र अनुरोध किया है कि प्रदेश के दाल उद्योग, किसानों एवं व्यापारियों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए मंडी शुल्क में की गई 0.50 प्रतिशत वृद्धि के निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए।
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