किसान पाठशाला ने बदली अंगूरी बाई की किस्मत, अब खेती से हर माह कर रही 1.50 लाख तक की कमाई
07 फरवरी 2026, भोपाल: किसान पाठशाला ने बदली अंगूरी बाई की किस्मत, अब खेती से हर माह कर रही 1.50 लाख तक की कमाई – ग्वालियर जिले के विकासखंड भितरवार के भरथरी गांव की रहने वाली अंगूरी बाई बघेल ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से खेती को भी लाभ का मजबूत व्यवसाय बनाया जा सकता है। कक्षा 10वीं तक पढ़ाई करने के बाद नौकरी की तलाश में भटक रहीं अंगूरी बाई का जीवन आत्मा परियोजना के तहत संचालित किसान पाठशाला से जुड़ने के बाद पूरी तरह बदल गया।
अंगूरी बाई ने बताया कि 10वीं के बाद उन्होंने नौकरी करने का विचार किया और करीब तीन से चार वर्षों तक विभिन्न जगहों पर प्रयास किए, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसी दौरान गांव में आत्मा परियोजना के अंतर्गत किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। केवल समय बिताने के उद्देश्य से किसान पाठशाला में पहुंची अंगूरी बाई ने दो दिन का प्रशिक्षण लिया, जिसने उनकी सोच और जीवन की दिशा बदल दी।
प्रशिक्षण के बाद अंगूरी बाई ने अपनी एक एकड़ जमीन में धान की खेती की, जिससे उन्हें अच्छा लाभ मिला। इससे उत्साहित होकर अगले वर्ष उन्होंने एसडब्ल्यूआई पद्धति से गेहूं की खेती की। इस आधुनिक पद्धति से उन्हें पारंपरिक तरीके की तुलना में अधिक उत्पादन प्राप्त हुआ।
इसके बाद आत्मा परियोजना के अधिकारियों ने उन्हें उद्यानिकी विभाग से जोड़ा। इसके माध्यम से उन्होंने दो बीघा क्षेत्र में अमरूद का बगीचा लगाया। वर्ष 2022 में अमरूद से उन्हें लगभग 60 हजार रुपये तथा वर्ष 2023 में करीब 70 हजार रुपये की आय हुई। इसके साथ ही उन्होंने एक बीघा में नींबू और 70 पौधे आंवले के भी लगाए, जिससे अतिरिक्त आमदनी शुरू हो गई।
आय के स्रोतों को और बढ़ाने के लिए अंगूरी बाई ने आधा बीघा में थाई बेर तथा आधा बीघा में सिंघाड़े की खेती भी शुरू की। इसके अलावा उन्होंने अपने खेत में बने तालाब में मछली पालन और मुर्गी पालन भी प्रारंभ किया, जिससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
वर्तमान में अंगूरी बाई खेती, बागवानी, मछली पालन और मुर्गी पालन के माध्यम से हर माह लगभग 1.50 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। आज वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं और किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।
इस संबंध में उप संचालक कृषि, ग्वालियर मधु सोलापुरकर ने बताया कि आत्मा परियोजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। अंगूरी बाई बघेल की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही प्रशिक्षण और विभागीय सहयोग से ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं।
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