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राज्य कृषि समाचार (State News)

प्रचार रथ को कलेक्टर दतिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 17 अगस्त  

10 अगस्त 2026, दतिया : प्रचार रथ को कलेक्टर दतिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया –  जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए कृषि विभाग एवं भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी ऑफ इंडिया) द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंडों, तहसीलों एवं ग्राम पंचायतों में किसान जागरूकता रथ के माध्यम से किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ, बीमा प्रक्रिया तथा फसल बीमा कराने की जानकारी दी जा रही है। ऑडियो संदेश, पम्पलेट एवं अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से भी किसानों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रचार रथ को कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े द्वारा हरी झण्ड़ी दिखाकर रवाना किया।

कलेक्टर श्री वानखड़े ने किसानों से अपील की है कि वे प्राकृतिक आपदाओं एवं मौसम की अनिश्चितताओं से होने वाले नुकसान को देखते हुए अपनी अधिसूचित फसलों का समय पर बीमा अवश्य कराएं। खरीफ-2026 के लिए अधिसूचित फसलों के लिए बीमित राशि एवं किसान अंश इस प्रकार निर्धारित किया गया है धान (सिंचित) के लिए बीमित राशि 51,300 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा किसान अंश 1,026 रुपये, धान (असिंचित) के लिए 29,800 रुपये एवं 596 रुपये, बाजरा के लिए 22,500 रुपये एवं 450 रुपये, मूंगफली के लिए 36,400 रुपये एवं 728 रुपये, तिल के लिए 27,000 रुपये एवं 540 रुपये, ज्वार के लिए 19,400 रुपये एवं 388 रुपये, उड़द के लिए 24,300 रुपये एवं 486 रुपये तथा मूंग के लिए 25,300 रुपये प्रति हेक्टेयर बीमित राशि एवं 506 रुपये प्रति हेक्टेयर किसान अंश निर्धारित किया गया है। योजना के अंतर्गत किसानों को केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम राशि जमा करनी होगी, जबकि शेष प्रीमियम का वहन शासन द्वारा किया जाएगा।

उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 17 अगस्त 2026 कर दी गई है। उन्होंने किसानों से बढ़ी हुई समय-सीमा का लाभ उठाकर निर्धारित तिथि से पूर्व अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अपील की है। डपसंचालक कृषि ने बताया कि ऋणी किसानों का प्रीमियम संबंधित बैंक के माध्यम से जमा कराया जाएगा, जबकि अऋणी किसान सीएससी, बैंक शाखा अथवा क्रॉप इंश्योरेंस एप के माध्यम से स्वयं अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी अथवा बीमा प्रतिनिधि से संपर्क कर सकते हैं।

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