Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

शेडनेट हाउस में शिमला मिर्च की खेती से सुगना बाई हुई संपन्न

16 सितम्बर 2024, झाबुआ: शेडनेट हाउस में शिमला मिर्च की खेती से सुगना बाई हुई संपन्न – उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की संरक्षित खेती योजना अंतर्गत शेडनेट हाउस में खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। शेडनेट हाउस के भीतर उद्यानिकी फसल लेने से गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त होता है साथ ही कीट एवं रोग का प्रकोप भी अत्यधिक कम होता है। इसके भीतर पौधे स्वस्थ रहते  हैं  व प्राकृतिक जोखिम की संभावना भी न के बराबर रहती है। जाहिर है उत्पादन भी अधिक होता है। शेडनेट हाउस स्थापित करने में 710 रुपये प्रति वर्ग मीटर लागत आती है इसमें से 355 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग अनुदान प्रदान करता है।

इसी योजना का लाभ लेकर ग्राम कुण्डीयापाडा, विकासखण्ड-पेटलावद जिला-झाबुआ की कृषक सुगनाबाई पति शांतिलाल पारगी ने आर्थिक सफलता पाई । सुगनाबाई ने बताया  कि  पारंपरिक खेती से उम्मीद के मुताबिक आमदनी नहीं होती थी, फिर एक दिन उनके ग्राम में उद्यान विभाग के विकासखण्ड प्रभारी श्री सुरेश ईनवाती आए और उन्होने हमें शेडनेट हाउस के अंदर  उच्च कोटि  की खेती करने की सलाह दी व हमें उन कृषकों के खेत पर भ्रमण करवाया जो शेडनेट हाउस के अंदर उच्च कोटि  की खेती करते थे। उन कृषकों से प्रेरित होकर हमने सोचा की यदि खेती को लाभ का धंधा बनाना है तो यह पारंपरिक खेती को छोड़कर  शेडनेट हाउस के अंदर  उच्च कोटि  की खेती करना होगी। फिर हमने एक  एकड़ का शेडनेट हाउस का निर्माण उद्यान विभाग से अनुदान प्राप्त कर बनवाया जिसमें उद्यान विभाग से एक एकड शेडनेट हाउस में  नियमानुसार  अनुदान मिला। फिर हमने उसके अंदर शिमला मिर्च की खेती कर उद्यानिकी खेती की ओर कदम  बढ़ाया  और आज हमारी जिंदगी पूरी तरह से बदल  चुकी  है।

शेडनेट हाउस के अंदर शिमला की खेती में कुल  खर्च  2,14,840 रुपये आए व शिमला मिर्ची को बेचकर कुल 6,68,051 रुपये की आमदनी हुई। इस प्रकार कृषक को अपनी एक  एकड़  जमीन से 4,53,211 रुपये का शुद्ध मुनाफा प्राप्त हुआ। सुगनाबाई मध्यप्रदेश शासन का आभार व्यक्त करते हुए  कहती  हैं इस योजना ने हमारी जिंदगी संवार दी है। सुगना बाई की यह सफलता मध्य प्रदेश के अन्य किसानों के लिए भी एक प्रेरणा है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com