सीहोर में खाद का पर्याप्त स्टॉक, कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग की सतत निगरानी
31 अक्टूबर 2026, सीहोर: सीहोर में खाद का पर्याप्त स्टॉक, कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग की सतत निगरानी – मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में रबी सीजन के दौरान किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। 28 अक्टूबर 2026 की स्थिति में जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी सहित विभिन्न उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, उर्वरकों की अनियमित बिक्री और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
जिले में खाद का कितना स्टॉक उपलब्ध?
कृषि विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 तक सीहोर जिले में 18,027.97 मीट्रिक टन यूरिया, 5,733.15 मीट्रिक टन डीएपी, 7,973.10 मीट्रिक टन एनपीके और 9,173.87 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। वहीं, 1 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 के बीच किसानों को 14,263 मीट्रिक टन यूरिया, 7,128 मीट्रिक टन डीएपी, 2,934 मीट्रिक टन एनपीके और 4,105 मीट्रिक टन एसएसपी का वितरण किया गया है। विभाग खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रख रहा है, ताकि किसानों को जरूरत के अनुसार उर्वरक मिल सके।
खाद-बीज की गुणवत्ता जांचने के लिए लिए गए नमूने
कृषि विभाग द्वारा खरीफ सीजन से अब तक खाद, बीज और कीटनाशकों की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। इस दौरान उर्वरक के 349, बीज के 445 और कीटनाशक के 14 नमूने लिए गए। विभाग के अनुसार, कुल 794 नमूनों की जांच प्रक्रिया के दौरान 26 नमूने अमानक पाए गए। अमानक नमूनों के मामलों में संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने जैसी कार्रवाई की गई। इसके अलावा, 22 लाइसेंस निलंबित किए गए, 6 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई और 2 लाइसेंस निरस्त किए गए। विभाग द्वारा खाद-बीज की गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था की जांच आगे भी जारी रहेगी।
खाद खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
किसानों को खाद वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-टोकन व्यवस्था लागू की गई है। टोकन में उर्वरक का नाम, बोरियों की संख्या और कीमत जैसी जानकारी दर्ज रहती है। किसानों को खाद खरीदते समय निर्धारित कीमत के अनुसार भुगतान करने और विक्रेता से रसीद जरूर लेने की सलाह दी गई है। यदि कोई विक्रेता निर्धारित कीमत से अधिक राशि मांगता है या खाद देने से इनकार करता है, तो किसान संबंधित विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं।
विभाग की टीम रख रही निगरानी
कृषि विभाग के अनुसार, खाद के स्टॉक और वितरण से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। अनियमितताओं पर नजर रखने के लिए जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल भी सक्रिय है। विभाग का उद्देश्य किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना और उर्वरकों की कालाबाजारी तथा अनियमित बिक्री पर रोक लगाना है।
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