किसानों की सफलता की कहानी (Farmer Success Story)राज्य कृषि समाचार (State News)

Success Story: प्राकृतिक खेती अपनाकर सुमित्रा बाई ने घटाई लागत, बढ़ाई फसल की गुणवत्ता

25 मई 2026, भोपाल: Success Story: प्राकृतिक खेती अपनाकर सुमित्रा बाई ने घटाई लागत, बढ़ाई फसल की गुणवत्ता – मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के विकासखंड गंज बासौदा के ग्राम सुमेर दांगी निवासी सुमित्रा बाई ने अपनी जमीन पर प्राकृतिक तरीके से खेती शुरू की। उन्होंने जीवामृत, बीजामृत जैसी प्राकृतिक दवाओं का उपयोग करके अपनी फसलों की गुणवत्ता में सुधार किया साथ ही उनकी लागत काफी कम हुई।

श्रीमती सुमित्रा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत समुंह में सचिव के पद पर कार्यरत हैं तथा कृषि विभाग, आत्मा परियोजना के माध्यम से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत कृषि सखी के रूप में भी चयनित हैं। उन्होंने अपने खेत में मूंग, गेहुं सहित विभिन्न प्रकार की मौसमी सब्जियों जैसे लौकी, टमाटर आदि प्राकृतिक विधि से उत्पादन कर रही हैं। उनके पास पर्याप्त सिंचाई साधन के रूप मे एक कुआं व बोर उपलब्ध है।

श्रीमती सुमित्रा के पास 3 गाय हैं जिनसे प्राप्त गोबर का उपयोग बह जैविक दवा बनाने एवं गोबर की खाद बनाने में करती है। वह स्वयं तो प्राकृतिक तरीके से खेती कर ही रहीं है साथ ही अन्य किसानो को भी प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहीं हैं। उन्होंने जीवामृत और बीजामृत जैसी प्राकृतिक दवाओं का उपयोग करके अपनी फसलों को स्वस्थ और मजबूत बनाया। उन्होंने घर पर ही इन दवाओं का निर्माण शुरू किया, जिससे उन्हें लागत भी काफी कम हुई।

किसानों के लिए एक प्रेरणा श्रोत –

श्रीमती सुमित्रा की कहानी से पता चलता है कि प्राकृतिक खेती न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे किसानों को भी आर्थिक लाभ हो सकता है। की कहानी से प्रेरणा लेकर अन्य किसान भी प्राकृतिक दवायें घर पर तैयार करके अपनी लागत कम कर सकते हैं और फसलों की गुणवत्ता बड़ा सकते हैं। इनकी कहानी प्रेरणादायक है और अन्य किसानों के लिए एक उदाहरण के रूप में काम कर सकती है। उनकी मेहनत , समर्पण, और प्राकृतिक खेती के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें सफलता दिलाई है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements