यूपी में मशरूम की खेती पर 50% तक अनुदान, 200 वर्ग फुट यूनिट पर मिल सकती है 1 लाख रुपए तक सहायता
12 अगस्त 2026, लखनऊ: यूपी में मशरूम की खेती पर 50% तक अनुदान, 200 वर्ग फुट यूनिट पर मिल सकती है 1 लाख रुपए तक सहायता – खेती में कम लागत में बेहतर आमदनी की संभावनाएं तलाश रहे किसानों के लिए मशरूम उत्पादन एक अच्छा विकल्प बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को मशरूम यूनिट स्थापित करने के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है।
मशरूम की खेती की खासियत यह है कि इसके लिए बड़े खेत की आवश्यकता नहीं होती। किसान अपने घर के खाली कमरे, शेड, गैराज या छप्पर में भी तापमान और नमी जैसी आवश्यक परिस्थितियां नियंत्रित कर उत्पादन शुरू कर सकते हैं।
200 वर्गफुट यूनिट पर 1 लाख रुपए तक सहायता
मिली जानकारी के अनुसार, यदि किसान 200 वर्गफुट के छप्पर में मशरूम उत्पादन यूनिट स्थापित करते हैं तो उन्हें निर्धारित लागत के अनुसार 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। इस आकार की यूनिट के लिए राज्य सरकार की ओर से अधिकतम करीब 1 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान बताया गया है।
हालांकि, वास्तविक अनुदान राशि यूनिट की स्वीकृत लागत, किसान की पात्रता और संबंधित योजना के लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित होगी।
कम जगह में शुरू हो सकती है खेती
मशरूम उत्पादन की सबसे बड़ी विशेषता इसका कम जगह में शुरू किया जा सकना है। किसान कमरे या शेड में वर्टिकल रैक, बेड अथवा ट्रे सिस्टम तैयार करके कई स्तरों पर उत्पादन कर सकते हैं। इससे सीमित जगह का बेहतर उपयोग होता है।
मशरूम की विभिन्न किस्मों के उत्पादन के लिए तापमान, नमी और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। उचित तकनीक अपनाने पर किसान साल में कई चक्रों में उत्पादन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
अनुदान से कम होगा शुरुआती खर्च
मशरूम यूनिट स्थापित करने में शेड, रैक, ट्रे, स्पॉन, अन्य सामग्री और उत्पादन व्यवस्था पर शुरुआती खर्च आता है। सरकारी अनुदान मिलने से किसानों पर शुरुआती निवेश का बोझ कम हो सकता है।
किसानों को योजना का लाभ लेने से पहले अपने जिले के उद्यान विभाग से वर्तमान लक्ष्य, पात्रता, स्वीकृत लागत, अनुदान प्रतिशत और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी जरूर प्राप्त करनी चाहिए। इससे योजना की वर्तमान शर्तों के अनुसार सही तरीके से आवेदन किया जा सकेगा।
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