जलगांव में सीड बॉल के माध्यम से विद्यार्थियों ने बोए हरित भविष्य के बीज
20 जुलाई 2026, जलगांव: जलगांव में सीड बॉल के माध्यम से विद्यार्थियों ने बोए हरित भविष्य के बीज – एक बच्चे के हाथ में मिट्टी का छोटा-सा गोला भले ही साधारण दिखाई देता हो, लेकिन उसमें आने वाले कल के हरे-भरे जंगलों का सपना छिपा होता है। अनुभूति बाल निकेतन मांटेसरी एवं अनुभूति विद्या निकेतन में 13 से 18 जुलाई तक “अनुभूति ट्री फेस्टिवल” का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सीड बॉल (बीज गोले) तैयार कर पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश दिया।

मिट्टी, जैविक खाद तथा स्थानीय वृक्षों के बीजों से तैयार किए गए सीड बॉल विद्यार्थियों के लिए केवल एक गतिविधि नहीं थे, बल्कि प्रकृति से जुड़ने का एक प्रेरणादायी अनुभव बने। प्रत्येक विद्यार्थी के चेहरे पर उत्साह, हाथों में मिट्टी और मन में हरित भविष्य का सपना दिखाई दे रहा था।
यह उपक्रम जैन इरिगेशन के संयुक्त प्रबंध निदेशक श्री अजीत जैन, अनुभूति स्कूल के अध्यक्ष श्री अतुल जैन, निदेशक निशा जैन तथा निदेशक अंबिका जैन के प्रेरणादायी मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्राचार्य श्री मनोज परमार, शिक्षकों और कर्मचारियों ने इसे सफलतापूर्वक क्रियान्वित कर विद्यार्थियों के लिए यादगार बना दिया।
जैन इरिगेशन के गार्डन विभाग के श्री अजय काले और श्री गिरीश जगताप, तथा पर्यावरण विभाग के श्री राजेंद्र राणे और श्री मयूर देशमुख ने विद्यार्थियों को सीड बॉल बनाने की पूरी प्रक्रिया समझाई। विद्यार्थियों को देशी वृक्षों के बीज, मिट्टी और प्राकृतिक खाद का उपयोग कर वैज्ञानिक तरीके से सीड बॉल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह से सीड बॉल तैयार किए। इन्हें वर्षा ऋतु में विभिन्न स्थानों पर फैलाया जाएगा, जिससे हरित क्षेत्र बढ़ाने, प्राकृतिक वनस्पतियों के पुनर्जीवन और जैव विविधता के संरक्षण में सहायता मिलेगी।
समापन समारोह में निदेशक अंबिका जैन ने विद्यार्थियों को सीड बॉल वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “हैंड, हार्ट और हेड से तैयार किए गए सीड बॉल प्रकृति से जुड़ने का सशक्त माध्यम हैं, क्योंकि बच्चों ने इन्हें स्वयं अपने हाथों से बनाया है। यह गतिविधि वन संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है। प्रत्येक विद्यार्थी को ‘ग्रीन एम्बेसडर’ बनकर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, उनकी देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।”
इस रोचक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने बीज संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण का महत्व सीखा। कक्षा से बाहर मिला यह अनुभव उनके जीवन की यादगार सीख बन गया। उन्हें यह भी बताया गया कि वर्षा ऋतु में पहाड़ी, दूरस्थ और बंजर क्षेत्रों में सीड बॉल डालने से अनुकूल परिस्थितियों में उनसे पौधे उगते हैं और प्राकृतिक रूप से हरित क्षेत्र का विस्तार होता है। प्राचार्य मनोज परमार ने कहा कि इस गतिविधि से विद्यार्थियों में यह भावना विकसित हुई कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने हाथों में सीड बॉल लेकर सामूहिक रूप से संकल्प लिया—”पेड़ लगाएँ, पेड़ों को बचाओ और पर्यावरण की रक्षा करें।” आशा व्यक्त की गई कि इन नन्हे हाथों से तैयार किए गए बीज गोले भविष्य में हजारों वृक्षों का रूप धारण करेंगे। अनुभूति ट्री फेस्टिवल ने पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश समाज तक पहुँचाया।
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