राज्य कृषि समाचार (State News)

“हर खेत को पानी” और “प्रति बूंद अधिक फसल” की दिशा में मजबूत कदम

25 फरवरी 2026, उज्जैन: “हर खेत को पानी” और “प्रति बूंद अधिक फसल” की दिशा में मजबूत कदम – मध्‍यप्रदेश शासन ने सदैव कृषक कल्‍याण को अपनी सर्वोच्‍च प्राथमिकता माना है। राज्‍य की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृ‍षि आधारित है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 किसान कल्‍याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरुप किसान ही राष्‍ट्र की रीढ़ है और कृषि क्षेत्र का आधुनिकीकरण तथा किसानों की आय में वृद्धि ही आत्मनिर्भर भारत का आधार है। इसी दृष्टिकोण से राज्य शासन ने कृषि को विकास की धुरी बनाते हुए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए है।

भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना देश में जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनी हुई है। योजना का मुख्य उद्देश्य “हर खेत को पानी” सुनिश्चित करना तथा “प्रति बूंद अधिक फसल” के सिद्धांत पर आधारित जल उपयोग दक्षता में सुधार लाना है।

योजना की प्रमुख विशेषताएँ एवं उपलब्धियाँ

 योजना के अंतर्गत सिंचाई निवेश का क्षेत्रीय अभिसरण, खेत स्तर पर पानी की पहुंच बढ़ाना, जल उपयोग दक्षता में सुधार तथा सतत जल संरक्षण प्रथाओं को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रमुख घटक

योजना के अंतर्गत हर खेत को पानी (HKKP) जिसमें त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP), सतही लघु सिंचाई (SMI), जल निकायों की मरम्मत-नवीनीकरण-जीर्णोद्धार (RRR) तथा कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड वॉटर मैनेजमेंट (CAD&WM) शामिल हैं।

प्रति बूंद अधिक फसल (Per Drop More Crop) सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर) के माध्यम से खेत स्तर पर जल दक्षता बढ़ाना। यह घटक वर्तमान में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के अंतर्गत संचालित है। वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक की अवधि के लिए योजना को केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया है।

सूक्ष्म सिंचाई के तहत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिस्टम पर लघु/सीमांत किसानों को 55% तक तथा अन्य किसानों को 45% तक अनुदान उपलब्ध है।

योजना के लाभ

योजना के माध्यम से लाखों हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। सूक्ष्म सिंचाई अपनाने से पानी की बचत के साथ-साथ फसल उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। किसानों को इससे बहुआयामी लाभ मिल रहे हैं, जैसे: जल संसाधनों का बेहतर उपयोग, सूखा प्रभावित क्षेत्रों में कृषि स्थिरता, उत्पादन लागत में कमी और आय में वृद्धि  

सरकार “हर खेत को पानी” और “प्रति बूंद अधिक फसल” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे आधिकारिक पोर्टल https://pmksy.gov.in/ अथवा राज्य कृषि विभागों के माध्यम से योजना का लाभ उठाएं।

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