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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में कालाबाजारी और नकली खाद-बीज बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

25 फरवरी 2026, जयपुर: राजस्थान में कालाबाजारी और नकली खाद-बीज बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई – राजस्थान  सरकार ने किसानों को मांग से अधिक उर्वरक उपलब्ध कराए हैं और अच्छी बारिश के बावजूद कहीं भी खाद की कमी नहीं आने दी गई। कालाबाजारी और नकली खाद-बीज बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि वर्ष 2024-25 में यूरिया की 26.20 लाख मैट्रिक टन मांग के मुकाबले 29.29 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध कराया गया। डीएपी की 8.50 लाख मीट्रिक टन मांग के मुकाबले 7.80 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध हुआ। वहीं वर्ष 2025-26 में 25.52 लाख मैट्रिक टन यूरिया की मांग के विरुद्ध 29.06 लाख मैट्रिक टन उपलब्ध कराया गया। डीएपी की 8.43 लाख मैट्रिक टन मांग के मुकाबले 8.45 लाख मैट्रिक टन उपलब्ध हुआ। इसी प्रकार 5.57 लाख मैट्रिक टन एसएसपी तथा 2.72 लाख मैट्रिक टन एनपीके खाद उपलब्ध कराए गए। वहीं फरवरी और मार्च माह के लिए भी अतिरिक्त रूप से 1 लाख मैट्रिक टन यूरिया तथा 50 हजार मीट्रिक टन डीएपी और स्टॉक में उपलब्ध करवाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लंबे मानसून के कारण बुवाई का रकबा बढ़ा और अतिरिक्त फसल बोने से खाद की मांग बढ़ी। कुछ स्थानों पर लाइनें लगीं, लेकिन खाद की वास्तविक कमी नहीं हुई। मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार में 107 एफआईआर दर्ज की गई, जबकि पिछली सरकार में केवल 20 मामले दर्ज हुए थे। डॉ. मीणा ने कहा कि केंद्र सरकार सीड और फर्टिलाइजर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून लाएगी, जिसमें 20 साल की सजा और 20 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान होगा। मंत्री ने बताया कि खरीफ और रबी सीजन के लिए यूरिया और डीएपी की मांग समय से पहले भारत सरकार को भेजी गई। साथ ही डीएपी के विकल्प के रूप में 2.61 लाख मीट्रिक टन एनपीके और 4.73 लाख मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध कराया गया है।

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