राजस्थान में गौवंशीय पशुओं को संक्रमण से बचाने टीकाकरण में लायें तेजी

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लम्पी स्किन डिजीज की स्थिति एवं रोकथाम के प्रयासों की समीक्षा

17 सितम्बर 2022, जयपुर  । राजस्थान में गौवंशीय पशुओं को संक्रमण से बचाने टीकाकरण में लायें तेजी – पशुपालन मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने राज्य में लम्पी स्किन डिजीज को फैलने से रोकने के लिए संक्रमण से अप्रभावित इलाकों में तेजी से टीकाकरण करने के निर्देश दिए। प्रदेश में अभी तक 6 लाख 87 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पश्चिमी राजस्थान में संक्रमण एवं मृत्यु दर में लगातार गिरावट आ रही है और जैसलमेर जिले में पिछले एक सप्ताह से लम्पी रोग से किसी जानवर के मरने की रिपोर्ट नहीं मिली है। श्री कटारिया यहां पंत कृषि भवन में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों सहित सभी संभाग एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये बैठक कर लम्पी स्किन डिजीज की स्थिति एवं रोकथाम के लिए किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा कर रहे थे।

श्री कटारिया ने कहा कि प्रदेश में लम्पी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गौवंशीय पशुओं में टीकाकरण किया जा रहा है उन्होंने बताया कि अब तक अजमेर जिले में 53209, कुचामन सिटी में 37697, भरतपुर में 56410, चित्तौडग़ढ़ में 43476, अलवर में 73535, जयपुर में 29957, बांसवाड़ा में 53000, कोटा में 40232, बूंदी में 34979, बारां में 75571, झालावाड़ में 34118, प्रतापगढ़ में 44866, उदयपुर में 33255 सहित 27 जिलों में 6 लाख 87 हजार 375 पशुओं में टीकाकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध है और डेयरी फेडरेशन के माध्यम से 25 लाख टीके और खरीदने की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने संक्रमण रहित क्षेत्र को चिन्हित कर टीकाकरण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और तेजी से टीकाकरण करने के निर्देश दिए।

दवाइयों की खरीद के लिए किए आवश्यक वित्तीय प्रावधान

श्री कटारिया ने कहा कि रोगी पशुओं के उपचार के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिलों में स्थानीय स्तर पर दवाइयों की खरीद के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा कॉन्फेड के माध्यम से जिलों की मांग अनुरूप औषधियों की आपूर्ति भी की जा रही है। उन्होंने प्राप्त औषधियों को जिला औषधि भंडार में अनावश्यक नहीं रखकर तुरंत संस्थाओं को भिजवाने के निर्देश दिए।

जैसलमेर में एक सप्ताह से किसी जानवर के मरने की रिपोर्ट नहीं

पशुपालन मंत्री ने कहा कि राज्य में इस बीमारी की शुरूआत पश्चिमी क्षेत्र से हुई थी जो अब पूर्वी भाग तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में अब लम्पी रोग के केस कम हो गये हैं। जोधपुर तथा बीकानेर संभाग में रिकवरी रेट अच्छी है और संक्रमण एवं मृत्यु दर में लगातार गिरावट आ रही है। जैसलमेर जिले में पिछले एक सप्ताह से लम्पी रोग से किसी जानवर के मरने की रिपोर्ट नहीं मिली है।

औषधियों के मिले प्रभावी परिणाम

श्री कटारिया ने बताया कि लम्पी रोग के बचाव एवं रोकथाम के लिए आयुष विभाग द्वारा सुझायी गई आयुर्वेदिक औषधियां काफी कारगर साबित हो रही है। उन्होंने इस सम्बन्ध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता जताते हुए कहा कि जालौर जिले में भामाशाहों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध करवायी गई औषधियों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

गौशालाओं का पुन: निरीक्षण करने के निर्देश

पशुपालन मंत्री ने अधिकारियों को सभी गौशालाओं का पुन: निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में मानसून का दौर फिर से सक्रिय होने की संभावना के दृष्टिगत गौशालाओं में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि संक्रमण को रोकने में मदद मिल सके। उन्होंने जन प्रतिनिधियों के सम्पर्क में रहकर लम्पी रोग के रोकथाम के प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में पशुपालन विभाग की शासन उप सचिव श्रीमती कश्मी कौर, निदेशालय में पदस्थापित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी संभाग व जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस से शाामिल हुए।

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