राज्य कृषि समाचार (State News)पशुपालन (Animal Husbandry)

राजगढ़ में पशुओं को खतरनाक रोगों से बचाने के लिए टीकाकरण जारी, अब तक 2.81 लाख को लगी वैक्सीन

05 अगस्त 2025, भोपाल: राजगढ़ में पशुओं को खतरनाक रोगों से बचाने के लिए टीकाकरण जारी, अब तक 2.81 लाख को लगी वैक्सीन – उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. एम.एस. कुशवाह ने जानकारी दी कि वर्षा ऋतु में पशुओं को विभिन्न रोगों से बचाने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से जिले में लगातार टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। खासतौर पर खुरपका और मुंहपका जैसे विषाणुजनित रोगों से बचाव के लिए यह पहल की जा रही है।

Advertisement1
Advertisement

अब तक 2.81 लाख पशुओं को लगी वैक्सीन

अब तक राजगढ़ जिले में लगभग 2 लाख 81 हजार पशुओं में टीकाकरण पूरा किया जा चुका है। साथ ही पशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराएं ताकि वे स्वस्थ और रोगमुक्त रहें।  

खुरपका-मुंहपका रोग के लक्षण और खतरा

डॉ. कुशवाह ने बताया कि इस मौसम में पशुओं में खुरपका एवं मुंहपका रोग तेजी से फैलता है। इसके लक्षणों में:

1. खुरों में घाव बनना
2. मुख में लार गिरना
3. छाले पड़ना
4. तेज बुखार आना
5. गले से गरगराहट की आवाज आना शामिल हैं।

यह रोग विषाणुजनित होता है और बहुत संक्रामक होता है, जिससे पशुओं की जान को खतरा होता है।

जिले के सभी विकासखंडों में चल रहा है टीकाकरण

रोग की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों में टीकाकरण का कार्य तेज़ी से चल रहा है। यह अभियान 31 अगस्त 2025 तक जारी रहेगा।

Advertisement8
Advertisement

गांव-गांव पहुंच रही टीम, घर-घर कर रहीं टीकाकरण

हर विकासखंड में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी और गौसेवकों की टीम बनाई गई है। ये टीमें प्रत्येक गांव और वार्ड में जाकर गायों और भैंसों में टीकाकरण कर रही हैं। समस्त गौशालाओं में एफ.एम.डी. (Foot and Mouth Disease) टीकाकरण किया जा रहा है। पंचायत और स्थानीय गौसेवकों की मदद से निराश्रित गौवंश में भी टीकाकरण किया जा रहा है, ताकि वे भी रोग से सुरक्षित रह सकें।

Advertisement8
Advertisement
Advertisements
Advertisement3
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com

Advertisements
Advertisement5
Advertisement