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पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

पशुपालन विभाग ने राजस्थान में पशुओं को रोगों से बचाने, पशुपालकों को राहत पहुंचाने के लिए किए व्यापक इंतजाम

राजस्थान में पशुओं को रोगों से बचाने, के लिए किए व्यापक इंतजाम

जयपुर। पशुपालन विभाग ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान पशुओं को रोगों से बचाने एवं पशुपालकों को राहत पहुंचाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। राज्य में पशु चिकित्सा से जुडी तमाम ईकाईयां पूर्व की तरह यथावत खुली हैं एवं रोगी पशुओं की नियमित चिकित्सा की जा रही है।

पशुपालन मंत्री श्री लाल चन्द कटारिया ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से कोविड-19 के संक्रमण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुसार पशुओं और पशुपालकों को लाभ पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि लॉक डाउन में 65 प्रकार की औषधियां विभागीय चिकित्सा इकाइयों पर उपलब्ध है जबकि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पशु स्वास्थ्य कर्मियों को मास्क, सेनेटाइजर, साबुन, ग्लब्स उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्होने बताया कि पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजनान्तर्गत राज्य के सभी जिलों में पशु दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था की हुर्ई है।

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श्री कटारिया ने बताया कि राज्य की एकमात्र पशु वैक्सीन उत्पादक जैविक ईकाई द्वारा मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए गलघोंटू, फड़किया और लंगड़ा बुखार के 7 लाख टीकों का पशु चिकित्सा सस्ंथाओं को वितरण किया जा चुका है जबकि अगले सप्ताह तक 15 लाख और टीकों का वितरण कर दिया जाएगा।

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उन्होंने बताया कि लॉक डाउन के दौरान पशु चारे के परिवहन को अनुमत कराया जा चुका है और राज्य की 1950 पंजीकृत गौशालाओं को पशुओं के भरण-पोषण के लिए 270 करोड़ रूपए के अनुदान का प्रावधान किया गया है जिसमें से 100 करोड़ रूपए का भुगतान पंजीकृत गौशालाओं के लिए किया जा चुका है।

पशुपालन मंत्री ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के तहत वर्तमान में चल रहे लॉक डाउन में राज्य में पशुपालन, मत्स्य और डेयरी की सभी गतिविधियां प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से अनुमत की गई है। उन्होंने बताया कि पशु दाना व चारा, मुर्गी दाना, मछली आहार और पशुधन उत्पाद की बिक्री करने वाली दुकानें भी इसमें शामिल है।

श्री कटारिया ने बताया कि राज्य के लगभग 35 हजार पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़वाया जा चुका है ।

पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के तहत विभागीय गतिविधियों को गति प्रदान करने के लिए 134.31 करोड़ की कार्य योजना तैयार की गई है जिसमें पशु स्वास्थ्य, नस्ल सुधार, कुक्कुट तथा ऊंट पालन के लिए प्रोत्साहन कार्य किए जाएंगे। साथ ही अनुसूचित जनजाति विकास में आदिवासी पशुपालकों के विकास के लिए 12.61 करोड़ के त्रिवर्षीय प्रस्ताव भी तैयार कर आयोजना विभाग को भिजवाए गए है।