जल की बचत और शुद्धता के लिए विशेष पहल

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26 दिसम्बर 2020, मंडलेश्वर। जल की बचत और शुद्धता के लिए विशेष पहल निमाड़ क्षेत्र में जल की बचत और शुद्धता बनाए रखने के लिए बीसीआई परियोजना द्वारा विशेष पहल की गई है। इसके तहत कुओं के भूमिगत जल स्तर और जल की गुणवत्ता की जाँच करवाई जा रही है, ताकि जमीन की उर्वराशक्ति और फसलों पर जल परिणामों का पता लगाया जा सके। इस संबंध में परियोजना प्रमुख श्री आशुतोष अग्रवाल ने कहा कि हमारे द्वारा जल बचत और शुद्धता को लेकर किए जा रहे विशेष प्रयास के तहत 3-4 कुएँ, जो कि 100 से 500 मीटर के दायरे में हैं, उनके भूमिगत जल स्तर को मापा जा रहा है, ताकि जल की अम्लीयता, क्षारीयता, कठोरता, पीएच और अन्य तत्वों की जानकारी मिल सके। हमारे द्वारा इस वर्ष 500 से ज़्यादा जल नमूनों का परीक्षण करवाया जाएगा। विश्लेषण पश्चात आवश्यक प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। आने वाले वर्षों में अधिक परीक्षण करवाएंगे जिससे अधिक से अधिक गांवों को इसका लाभ मिल सके। वहीं परियोजना प्रबंधक श्री गौरव निखोरिया ने कहा कि हमने इस वर्ष अलग-अलग क्लस्टर बनाकर कुएँ की माप और जल नमूने संग्रहित किए हैं, ताकि हमें पूरे क्षेत्र में जल की गुणवत्ता का अनुमानित रूप से उचित प्रणाम प्राप्त हो सके और तदनुसार आगामी वर्षों में किसानों को प्रशिक्षित किया जा सके। उल्लेखनीय है कि निमाड़ अंचल में निरंजनलाल अग्रवाल फाउंडेशन एवं के. के. फ़ायबर्स खरगोन द्वारा बीसीआई परियोजना विगत 6 वर्षों से 281 गांवों में संचालित की जा रही है, जिसमें 25 हज़ार से ज़्यादा किसान जुड़े हुए हैं, जिन्हें हर माह प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका लाभ परियोजना से जुड़े प्रत्येक गांव को मिल रहा है।

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