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राज्य कृषि समाचार (State News)

नवीकरणीय ऊर्जा से ही भविष्य की ऊर्जा का समाधान : डॉ. शर्मा 

29 जनवरी 2022, सलूम्बर ।  नवीकरणीय ऊर्जा से ही भविष्य की ऊर्जा का समाधान : डॉ. शर्मा – महाराणा प्रताप कृषि एवम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नवीकरणीय ऊर्जा अभियांत्रिकी विभाग एवं फार्म मशीनरी और पावर इंजीनियरिंग विभाग की और से बहुउपयोगी नवीकरणीय ऊर्जा आधारित सौर कूकर, सोलर ड्रायर, बायोगैस संयंत्र, निर्धूम चूल्हा, सोलर होम लाइटिंग सिस्टम एवं व्हील हौ के बारे में 50 से अधिक किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। केम्प सलूम्बर के पंचायत समिति केंद्र के सभागार मे हुआ। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. शांति कुमार शर्मा, निदेशक, अनुसंधान निदेशालय, श्री लक्ष्मण सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष काँग्रेस, सलूम्बर, श्री जगदीश भण्डारी, यूनिवरसिटि  प्रबन्धक सदस्य  इत्यादि थे।  

नवीकरणीय ऊर्जा अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण लाल पँवार ने सौर ऊर्जा आधारित ड्रायर के  बारे मे विस्तृत जानकारी देते हुए इसके घरेलू उपयोग एवं वार्षिक आय के नए तरीके बताए। डॉ. पँवार  ने सलूम्बर क्षेत्र के किसानों की पशुधन की क्षमता को देखते हुए किसानो को बायोगैस तकनीकी के बारे मे महत्वपूर्ण जानकारी दी। डॉ. पँवार ने ग्रामीण क्षेत्रो मे बिजली के वैकल्पिक रूप मे सोलर होम लाइटिंग सिस्टम के बारे मे बताया। सोलर होम लाइटिंग सिस्टम से एक साथ तीन बल्ब चला सकते है एवं साथ ही इससे मोबाइल को भी चार्ज कर सकते है।

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नवीकरणीय ऊर्जा अभियांत्रिकी विभाग की सह-आचार्य डॉ. निकिता वधावन ने सौर ऊर्जा आधारित किटनाशी यंत्र के बारे मे विस्तृत जानकारी देते हुए इसे इको फ्रेंडली बताया है। इससे फसल पर केमिकलों का छिड़काव 20 फीसदी तक कम हो जाता है और किसानो के फसल की गुणवत्ता अच्छी बनी रहती है। दो एकड़ खेत के लिए एक सोलर ट्रेप काफी होता है और दिन में चार्ज होने के बाद यह 5 घंटे तक चलता है। सोलर इन्सेक्ट ट्रैप में सोलर प्लेट द्वारा दिन में बैटरी को चार्ज किया जाता है एवं रात्रि के समय बैटरी द्वारा एक एल.ई.डी. लाइट प्रज्वलित कर फसल विनाशी कीड़ो को आकर्षित किया जाता है। एल.ई.डी. लाइट के पास में आने से पहले कीड़ो को एक तेल की परत से गुजरना होता जहा आकर वे चिपक जाते है।

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फार्म मशीनरी और पावर इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सावल सिंह मीणा ने व्हील हौ के बारे मे जानकारी देते हुए बताया की कम खर्चे मे किसान खरपतवार को आसानी से हटा सकते है। 

अनुसंधान निउदेशालय के निदेशक डॉ. शांति कुमार शर्मा ने किसानो के लिए बहू उपयोगी सौर ऊर्जा आधारित यंत्रो को इस्तेमाल करने के लिये बढ़ावा दिया। डॉ. शर्मा ने बताया की सलूम्बर के आस पास के किसान खेती के साथ साथ सूर्य की किरणों से एवं पशु अपशिष्ट से ऊर्जा बनाकर प्रतिदिन की खपत होने वाली ऊर्जा को स्वयं उत्पादित कर आत्मनिर्भर बन सकते है। साथ ही सौर यंत्रो से फलो एवं फसलों को सुखकर मूल्य संवर्धन किया जा सकता है एवं सालाना आमदनी को बढ़ाया जा सकता है। 

श्रीमान जगदीश भण्डारी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए किसानो को खेतो मे कम से कम यूरिया एवं अन्य रासायनिक खाद इस्तेमाल करने की जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन के दौरान अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत सलूम्बर पंचायत समिति के तीस किसानो को एक एक सोलर होम लाइटिंग सिस्टम एवं व्हील हौ बांटे गये।

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