बुंदेलखंड संभाग में मसूर की अच्छी बिजाई- लेकिन नए माल की आवक में होगी देर

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28 जनवरी 2022, सागरबुंदेलखंड संभाग में मसूर की अच्छी बिजाई- लेकिन नए माल की आवक में होगी देर – रबी सीजन की एक खास दलहन फसल-मसूर की बिजाई सभी राज्यों में पूरी हो चुकी है और अब वह विकास के विभिन्न चरणों में हैं। मसूर के प्रमुख उत्पादक राज्यों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं पश्चिम बंगाल शामिल हैं। मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती बुंदेलखंड संभाग में मसूर की खेती बड़े पैमाने पर होती है। मध्य प्रदेश के बीना में अवस्थित एक मशहूर व्यापारिक प्रतिष्ठान- भावना ट्रेडर्स के मालिक विवेक जैन का कहना है कि सागर, बीना, दमोह एवं गंजबसौदा लाइन में इस बार किसानों ने मसूर की खेती में जबरदस्त उत्साह दिखाया है और वहां रबी कालीन दलहनों के कुल बिजाई क्षेत्र में मसूर की भागीदारी बढ़कर 70 प्रतिशत के आसपास पहुंच गई है जिससे चना एवं मटर आदि का रकबा घट गया। हाल की बारिश से वहां खेतों में नमी है और मौसम ठंडा है। फिलहाल आमतौर पर फसल की हालत संतोषजनक है। कहीं-कहीं इसमें फूल एवं दाना लगने लगा है। अगले आठ-दस दिन के बाद फसल की अच्छी तस्वीर सामने आ सकती है। विवेक जैन का कहना है कि मध्य प्रदेश में इस बार मसूर की फसल को प्राकृतिक आपदाओं से कोई  नुकसान नहीं हुआ है मगर इसके नए माल की आवक में देर हो सकती है। कम से कम एक माह तक इसकी कटाई-तैयारी शुरू होने की संभावना नहीं है। पौधे लगातार बड़े होते जा रहे हैं और अभी उस पर गहरी नजर रखी जा रही है। कुछ क्षेत्रों में फूल एवं दाना कम आने के संकेत मिल रहे हैं लेकिन कुल मिलाकर फसल की हालत अच्छी है।

उधर उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड संभाग में ललितपुर, झांसी, बांदा, महोबा एवं चिगलूर लाइन में इस बार किसानों द्वारा मसूर के बजाए मटर की खेती पर अधिक जोर दिया गया है क्योंकि इसके आयात पर कठोर शर्तों के साथ अघोषित प्रतिबंध लगा होने से बाजार भाव ऊंचा रहता है। विवेक जैन का कहना है कि उत्तर प्रदेश में मसूर के बिजाई क्षेत्र का जो आंकड़ा दिया जा रहा है वह वास्तविकता से ज्यादा है। वैसे वहां भी फसल की हालत सामान्य बताई जा रही है। मध्य प्रदेश में जाड़े का प्रकोप घटने और अच्छी धुप निकलने के बाद फसल की तेज प्रगति हो पायेगी और तब इसकी औसत उपज दर का मोटा अनुमान लगाया संभव हो पायेगा। बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने से वहां मसूर का बेहतर उत्पादन होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय स्तर पर मसूर के उत्पादन क्षेत्र में कुछ इजाफा हुआ है। मार्च से इसके नए माल की आवक शुरू हो सकती है।

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