राज्य कृषि समाचार (State News)

सीधी : आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर

05 सितंबर 2026, सीधीसीधी : आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर – बलराम जयंती के अवसर पर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र सीधी में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह एवं कलेक्टर श्री विकास मिश्रा की विशेष उपस्थिति रही। इस दौरान विद्यार्थियों, युवाओं एवं किसानों से कृषि, प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीक तथा कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के विषय पर संवाद किया गया।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू सिंह ने कहा कि युवाओं को कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाते हुए कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए स्वयं को तैयार करना होगा। युवाओं की कृषि के प्रति रुचि बढ़ाकर और नई तकनीकों का उपयोग कर खेती को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कृषि विषय को लेकर कभी यह न सोचें कि इसमें आगे बढ़ने के अवसर कम हैं। भारत कृषि प्रधान देश है और कृषि के माध्यम से युवा देश, प्रदेश एवं जिले का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का भी उल्लेख किया।

कलेक्टर श्री विकास मिश्रा ने कहा कि भगवान बलराम शक्ति और पराक्रम के साथ कृषि, श्रम एवं प्रकृति से जुड़े जीवन-मूल्यों के प्रेरणास्रोत हैं। विद्यार्थियों को उनके जीवन से मेहनत, अनुशासन और आत्मनिर्भरता की सीख लेनी चाहिए। आज के विद्यार्थी ही कल के भारत का निर्माण करेंगे, इसलिए पढ़ाई के साथ प्रकृति, मिट्टी और खेती के महत्व को समझना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कृषि भारत की अर्थव्यवस्था और जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा एवं वैज्ञानिक सोच के साथ कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशें तथा नई तकनीक और कृषि उपकरणों का उपयोग करें। कृषि वैज्ञानिकों के साथ अपने अनुभव साझा करने से नई तकनीकों और पद्धतियों को सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने किसानों से कृषि के साथ पशुपालन को भी बढ़ावा देने की बात कही तथा जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता बताई। कलेक्टर ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है। किसानों और युवाओं को अपने अच्छे कार्यों एवं नवाचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी करना चाहिए, ताकि उनके प्रयासों को पहचान मिले और अन्य लोग भी प्रेरित हों।

जिला पंचायत सदस्य श्री प्रदीप शुक्ला ने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ कृषि व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है। उप संचालक कृषि श्री आर.एस. गुप्ता ने प्राकृतिक खेती के महत्व एवं लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि इससे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के साथ मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में मदद मिलती है।

कार्यक्रम के दौरान कृषि सखी एवं छात्र ने कृषि की नवीन पद्धतियों और प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर परियोजना संचालक श्री राजेश सिंह, सहायक संचालक श्रीमती गीता पटेल, कृषि वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी एवं किसान उपस्थित रहे।

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