श्योपुर: आंगनवाड़ी केन्द्र में बांटे गए मोटे अनाज के लड्डू
24 जनवरी 2026, श्योपुर: श्योपुर: आंगनवाड़ी केन्द्र में बांटे गए मोटे अनाज के लड्डू – कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा की पहल पर आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम पारोंद में मोटे अनाज से निर्मित लड्डुओं का वितरण बच्चों को किया गया।
भारत सरकार के नीति आयोग अंतर्गत संचालित आंकाक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम अंतर्गत आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रम में समन्वयक सुश्री दीपांशी जादौन ने समुदाय की महिलाओं को जानकारी प्रदान की कि ज्वार, बाजरा और मक्का ही मिलेट्स अनाज है, यह स्वास्थ्य के लिए पोषणयुक्त होते है। वर्तमान में मोटे अनाज से बने व्यंजनों एवं खाने को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। आदिवासी विकासखण्ड कराहल में ज्वार, बाजरा और मक्के ही प्रमुख फसलें है, यह अनाज हर घर में है, इसलिए बच्चों को उचित पोषण के लिए ज्वार, बाजरा और मक्का से बना खाना और व्यंजन दिये जायें। उन्होंने कहा कि कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा की पहल पर आज जन जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मिलेट्स अनाजों से बने लड्डू का वितरण बच्चों तथा उनके अभिभावकों को किया गया तथा इसे बनाने की विधि भी पालको को बताई।
आंगनवाड़ी केन्द्र पारोंद में आयोजित उक्त कार्यक्रम में महात्मा गांधी सेवा आश्रम से श्रीमती ज्योति रजक और श्री नीरज श्रीवास्तव ने गांव की माताओं के साथ विस्तार से चर्चा की तथा कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा की पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कोदो, कुटकी, रागी और ज्वार जैसे मोटे अनाज केवल पुराने समय का भोजन नहीं हैं, बल्कि ये आज के दौर के बेहतर भोजन हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं।
पारंपरिक भोजन के महत्व को बताते इस सत्र में घर में उपलब्ध मोटे अनाज की नई रेसिपी बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। माताओं को बताया गया कि वे कैसे रागी से बिस्किट या चंदिया, कोदो की स्वादिष्ट खीर और बाजरे की पौष्टिक खिचड़ी, बाजरे के लड्डू तैयार कर सकते हैं। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि यदि भोजन स्वादिष्ट होगा, तो बच्चे उसे चाव से खाएंगे और उन्हें पर्याप्त पोषण भी मिलेगा। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती आशा यादव और सहायिका एवं ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रही।
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