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राज्य कृषि समाचार (State News)

सिवनी: पशु कल्याण एवं गौवंश संरक्षण को लेकर बैठक आयोजित

22 अगस्त 2026, सिवनी: सिवनी: पशु कल्याण एवं गौवंश संरक्षण को लेकर बैठक आयोजित – पशु कल्याण, गौवंश संरक्षण तथा पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम को लेकर कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पशु कल्याण समिति, गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समिति तथा जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में समिति सदस्यों के साथ जिले में संचालित निजी एवं पंजीकृत गौशालाओं के संचालक, गौपालन से जुड़ी स्व-सहायता समूह की दीदियां तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंजली शाह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा सहित अन्य अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर श्रीमती मीना ने उपस्थित समिति सदस्यों, गौशाला संचालकों एवं गौ पालन से जुड़ी स्व-सहायता समूह की दीदियों से परिचय प्राप्त किया और उनके द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने गौशालाओं के संचालन, पशुओं की देखभाल, उपलब्ध संसाधनों तथा वर्तमान में की जा रही आयवर्धक गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि पशु कल्याण और गौवंश संरक्षण से जुड़े कार्यों को केवल संरक्षण तक सीमित न रखते हुए उन्हें बेहतर प्रबंधन एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ा जाए, ताकि गौशालाओं में उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग हो और उनकी व्यवस्थाएं अधिक सुदृढ़ बन सकें।

पशु कल्याण समिति के आय-व्यय की समीक्षा, आवश्यक मांगों को अनुमोदन – पशु कल्याण समिति की बैठक में समिति के आय-व्यय की विस्तृत समीक्षा की गई। पशु कल्याण से संबंधित विभिन्न आवश्यकताओं एवं मांगों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने आवश्यक प्रस्तावों को अनुमोदित किया। उन्होंने मैदानी क्षेत्रों में पशुओं के उपचार एवं देखभाल के लिए सुगम चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, उनका उचित उपयोग तथा जरूरतमंद पशुपालकों तक समय पर सेवा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पशु चिकित्सा सेवाओं का लाभ पशुपालकों को उनके गांव और क्षेत्र के स्तर पर ही अधिक से अधिक उपलब्ध हो। इसके लिए उपलब्ध संसाधनों एवं चलित पशु चिकित्सा सेवाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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चलित पशु चिकित्सा वाहन की समीक्षा, 1962 का व्यापक प्रचार-प्रसार – बैठक में 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक की अवधि में संचालित चलित पशु चिकित्सा वाहन के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई। वाहन के माध्यम से उपलब्ध कराई गई पशु चिकित्सा सेवाओं, मैदानी क्षेत्रों में पहुंच तथा पशुपालकों को मिले लाभ की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने पशुपालकों को आवश्यकता के समय त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पशु चिकित्सा हेल्पलाइन 1962 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को यह जानकारी होनी चाहिए कि पशु के बीमार होने अथवा आकस्मिक स्थिति में वे किस माध्यम से तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकते हैं। अधिकारियों को 1962 सेवा की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

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निराश्रित गौवंश के संरक्षण की कार्यवाही की समीक्षा – गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समिति की बैठक में जिले में निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए की जा रही कार्यवाही की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने गौवंश के संरक्षण, उनके लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं तथा गौशालाओं में पशुओं की देखभाल की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जिले में संचालित एवं पंजीकृत गौशालाओं की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा वहां उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गौशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, भूसा, पशुआहार, पेयजल, उपचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

गौशालाओं की आय बढ़ाने पर विशेष जोर-  बैठक में गौशालाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने गौशाला संचालकों एवं गौपालन से जुड़ी स्व-सहायता समूह की दीदियों को गौमूत्र से अर्क, गौकाष्ठ सहित अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार करने के लिए प्रशिक्षित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में उपलब्ध संसाधनों से स्थानीय स्तर पर उपयोगी एवं बाजार की मांग वाले उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इससे गौशालाओं की आय बढ़ाने के साथ ही स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी विकसित होंगे। इसके लिए जिले के आसपास बेहतर संचालन एवं आयवर्धक गतिविधियों के लिए पहचानी जाने वाली अग्रणी गौशालाओं का एक्सपोजर विजिट कराने की तैयारी करने पर भी चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को ऐसी गौशालाओं की जानकारी संकलित कर भ्रमण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

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