राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी की दस्तक, विदिशा में 43.5°C पहुंचा पारा; कई जिलों में लू की चेतावनी

17 अप्रैल 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी की दस्तक, विदिशा में 43.5°C पहुंचा पारा; कई जिलों में लू की चेतावनी – भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD भोपाल) के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के सभी संभागों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा। कुछ जिलों में लू का प्रभाव देखने को मिला, जबकि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की स्थिति नहीं रही। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभागों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6°C से 2.8°C तक अधिक दर्ज किया गया, जबकि शेष क्षेत्रों में तापमान सामान्य रहा।

न्यूनतम तापमान की बात करें तो अधिकांश संभागों में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। उज्जैन संभाग के कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 2.3°C अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान विदिशा में 43.5°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 14.8°C दर्ज हुआ।  

सबसे गर्म जिले (अधिकतम तापमान)

विदिशा – 43.5°C, नर्मदापुरम – 43.0°C, बैरसिया (भोपाल) – 42.9°C, रतलाम – 42.8°C
मंडला / दमोह – 42.0°C

सबसे ठंडे जिले (न्यूनतम तापमान)

पचमढ़ी (नर्मदापुरम) – 14.8°C, कल्याणपुर (शहडोल) – 18.6°C, करौंदी (कटनी) – 19.4°C, चित्रकूट (सतना) – 20.0°C, रीवा – 20.4°C

मौसमी परिस्थितियाँ (Synoptic System)

मौसम प्रणाली के अनुसार उत्तर-पश्चिम राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है, जो पूर्वी राजस्थान से होकर गुजर रही है। इसके अलावा उत्तर बिहार से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक भी एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान व राजस्थान के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर 12.5 किमी ऊंचाई पर तेज गति से जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं, जिससे प्रदेश के मौसम पर असर पड़ रहा है।

चेतावनी और सलाह

मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं लू चलने की संभावना जताई है। लोगों को दिन के समय तेज धूप से बचने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

किसानों को सलाह दी गई है कि वे साफ मौसम का उपयोग रबी फसलों की कटाई, मड़ाई और सुखाने के लिए करें। कटाई के बाद उपज को अच्छी तरह सुखाकर सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें ताकि खराब होने से बचाव हो सके। फसल अवशेषों को जलाने से बचें और उन्हें मिट्टी में मिलाकर उर्वरता बढ़ाएं। जहां नमी उपलब्ध हो वहां समय पर बुवाई पूरी करें और मिट्टी में पर्याप्त नमी बनाए रखें। शुष्क और गर्म मौसम में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी आवश्यक है। पशुओं को छायादार स्थान पर रखें और उन्हें स्वच्छ व ठंडा पानी उपलब्ध कराएं।

आगामी 48 घंटों में अधिकतम तापमान में लगभग 2°C की क्रमिक वृद्धि की संभावना है, इसके बाद कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा।

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