सम्राट-7759 लौकी: 50 दिन में पहली तुड़ाई, खरीफ और गर्मी दोनों मौसम में खेती
05 सितंबर 2026, भोपाल: सम्राट-7759 लौकी: 50 दिन में पहली तुड़ाई, खरीफ और गर्मी दोनों मौसम में खेती – लौकी भारत की प्रमुख सब्जी फसलों में शामिल है और इसकी खेती खरीफ के साथ-साथ ग्रीष्म मौसम में भी की जाती है। कम अवधि में उत्पादन देने वाली तथा आकर्षक फल वाली किस्में किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं। इसी क्रम में एलोरा लौकी ‘सम्राट-7759’ को उन्नत किस्म के रूप में देखा जा रहा है।
सम्राट-7759 के फल चमकीले हरे रंग के और बेलनाकार आकार के होते हैं। इनकी लंबाई लगभग 30 से 35 सेंटीमीटर तक बताई गई है। इस किस्म की पहली तुड़ाई बुवाई के करीब 50 से 55 दिन बाद शुरू हो सकती है। कम समय में फल मिलने के कारण सब्जी उत्पादक किसानों के लिए यह किस्म उपयोगी विकल्प बन सकती है।
आकर्षक रंग और एक समान आकार
सब्जी मंडियों में फल का आकार, रंग और एकरूपता बाजार मांग को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक हैं। सम्राट-7759 के फल बेलनाकार आकार और आकर्षक हरे रंग के होने के कारण बाजार में अच्छी मांग हासिल कर सकते हैं। एक समान आकार के फल होने से किसानों को उपज की छंटाई और विपणन में भी सुविधा मिल सकती है।
खरीफ और ग्रीष्म दोनों मौसम में उपयोगी
इस किस्म की एक प्रमुख विशेषता यह बताई जाती है कि इसकी खेती खरीफ और ग्रीष्म दोनों मौसमों में की जा सकती है। इससे किसान स्थानीय मौसम और बाजार की मांग के अनुसार फसल का समय निर्धारित कर सकते हैं।
सम्राट-7759 को सफेद एवं काली फफूंदी, फल मक्खी तथा कुछ रोगों के प्रति सहनशील बताया गया है। हालांकि खेत में रोग एवं कीटों का वास्तविक प्रभाव मौसम, क्षेत्र और प्रबंधन पर निर्भर करता है।
उत्पादन के लिए खेती प्रबंधन जरूरी
किसानों को इस किस्म से बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए मिट्टी की स्थिति, सिंचाई, पोषण प्रबंधन, बेलों के विकास तथा समय पर रोग-कीट नियंत्रण पर ध्यान देना होगा। फल का वास्तविक आकार, गुणवत्ता और उत्पादन मिट्टी, तापमान, सिंचाई, पोषक तत्वों और खेती की तकनीक के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
ऐसे में सम्राट-7759 को केवल किस्म की विशेषताओं के आधार पर नहीं, बल्कि स्थानीय परिस्थितियों और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर अपनाना किसानों के लिए अधिक लाभकारी रहेगा I
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