राज्य कृषि समाचार (State News)

सागर: ई-टोकन प्रणाली: किसानों को सरल और सुविधाजनक उर्वरक प्राप्ति का माध्यम

23 मई 2026, सागरसागर: ई-टोकन प्रणाली: किसानों को सरल और सुविधाजनक उर्वरक प्राप्ति का माध्यम – जिले में किसानों को सुगमता और बिना किसी परेशानी के खाद (उर्वरक) उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जिले के सभी निर्धारित केंद्रों पर उर्वरक का वितरण केवल और केवल ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही किया जाएगा। इसके अतिरिक्त किसी भी अन्य पारंपरिक या अन्य विधि नहीं

कलेक्टर श्रीमती पाल ने जिले के किसान भाइयों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की कतार या अव्यवस्था से बचने के लिए ई-टोकन प्रणाली का उपयोग कर अपना टोकन प्राप्त करें और उसके बाद ही निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुंचकर सुगमता से उर्वरक प्राप्त करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वितरण केंद्रों पर ई-टोकन व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को समय पर खाद मिल सके। कलेक्टर ने साफ किया है कि इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अन्य तरीकों से वितरण की शिकायत मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध तत्काल कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

वर्तमान में किसान भाइयों को खाद सरल एवं पारदर्शी तरीके से प्राप्त हो सके इस हेतु सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन से ई-टोकन प्रणाली अर्थात ऑनलाइन खाद टोकन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस हेतु किसान भाई ई-विकास पोर्टल पर जिसमें https://evikas.mpkrishi.mp.gov.in वेबसाइट पर क्लिक करके अपनी खाद बुक कर सकेंगे। खाद बुक होने के तीन दिवस की अवधि के भीतर ही किसान भाइयों को खाद का उठाव करना होगा अन्यथा टोकन की अवधि स्‍वत: ही समाप्त हो जाएगी। टोकन की अवधि समाप्त होने के पश्चात भी किसान भाई तत्काल दोबारा टोकन बुक कर सकेंगे।

सर्वप्रथम किसान भाइयों को https://evikas.mpkrishi.mp.gov.in पर क्लिक करके वेबसाइट को ओपन करना होगा। यदि आपका फार्मर आईडी बना है, तो आप सीधे ई-टोकन बुक करने वाले ऑप्शन पर क्लिक करके अपनी फसल की आवश्यकता अनुसार ई-टोकन बुक कर सकते हैं। जिन किसान भाइयों का फॉर्मर आईडी नहीं बना है अथवा उनके जमीन के समस्त खसरे फार्मर आईडी में नहीं जुड़े हैं, ऐसी स्थिति में ई-विकास पोर्टल पर प्रदर्शित  हो रहे ‘फार्मर आईडी नहीं है’ वाले ऑप्शन पर क्लिक करके अपने समस्त खसरों को दर्ज करते हुए अपने तहसील के एसडीएम के यहां अनुमोदन हेतु प्रेषित करें। एसडीएम से अनुमोदन के पश्चात किसान भाई अपना खाद का ई-टोकन बुक कर सकेगें।  

इसी प्रकार से वन पट्टाधारी कृषक, मंदिर ट्रस्ट वाले कृषक अथवा सिकमी-बटाईदार, मृत अथवा अक्षम  किसान भाइयों हेतु पोर्टल पर दिख रहे ऑप्शन पर क्लिक करके जमीन/खसरों की जानकारी अथवा संबंधित दस्तावेज अपलोड करते हुए अपने तहसील के एसडीएम के यहां अनुमोदन हेतु प्रेषित करना होगा। एसडीएम से अनुमोदन के पश्चात किसान भाई अपना खाद का ई-टोकन बुक कर सकेगें। ई-विकास प्रणाली में किसान भाईयों को चयनित फसल की अनुशंसा अनुसार खाद दिये जाने की सम्पूर्ण व्यवस्था की गई है। जिन किसान भाईयों को अतिरिक्त खाद की आवश्यकता है वह पोर्टल पर प्रदर्शित हो रहे अतिरिक्त खाद की मांग ऑप्शन पर क्लिक करके अति‍रिक्‍त खाद हेतु टोकन बुक कर सकते है। शासन द्वारा ऐसे किसान भाईयों हेतु जो अपना टोकन स्‍वत: नहीं बुक कर सकते है, के लिए कॉमन सर्विस सेन्‍टर (सीएससी) पर अपना ई-टोकन बुक करा सकेगें। इसके साथ ही जिले में संचालित 16 डबल लाक केन्‍द्र के साथ ही 178 प्राथमिक कृषि साख सेवा सहकारी समितियों पर भी संपर्क कर अपना टोकन बुक करा सकेगें।

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