छत्तीसगढ़ में भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के सहयोग से स्थापित होंगे ग्रामीण तकनीकी केन्द्र

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युवाओं को रोजगार-व्यवसाय से जोड़ने की पहल

25 फरवरी 2023,  रायपुर ।  छत्तीसगढ़ में भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के सहयोग से स्थापित होंगे ग्रामीण तकनीकी केन्द्र – छत्तीसगढ़ राज्य के गौठानों में स्थापित ग्रामीण औद्योगिक केन्द्रों में काम करने वाले ग्रामीण युवा उद्यमियों के सपनों को एक नया आयाम मिलने वाला है। ग्रामीण औद्योगिक केन्द्रों यानि रीपा में अब भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) मुम्बई के सहयोग से छत्तीसगढ़ के सभी रीपा सेंटरों में ग्रामीण तकनीक का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण देने के लिए ग्रामीण तकनीकी केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इन केन्द्रों में 72 से ज्यादा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित उद्यम तकनीक का प्रशिक्षण युवाओं को दिया जाएगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य के 300 गौठानों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा 300 करोड़ रूपए की मंजूरी दी गई है। कई रीपा का निर्माण पूरा हो चुका है और वहां विभिन्न ग्रामीण उद्यम संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण तकनीकी केन्द्रों में युवाओं को विभिन्न रोजगार-व्यवसाय का प्रशिक्षण, फल सब्ज्यिों और लघु वनोपजों के विभिन्न उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

ज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में हुई योजना आयोग की बैठक में रीपा में ग्रामीण तकनीकी केन्द्रों की स्थापना तथा गोबर से विद्युत उत्पादन की आधुनिकतम तकनीक व इकाईयों के विस्तार को लेकर सार्थक चर्चा हुई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में मुख्य ग्रामीण तकनीकी केन्द्र स्थापित किया जाएगा।

बैठक में बार्क के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण तकनीकी केंद्र में युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जुड़ने का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इन केन्द्रों में फल-सब्जी और वनोपजों से विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री बनाने की विधि एवं अन्य विधाओं के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार की संयुक्त सचिव श्रीमती सुषमा ताईषेते ने राज्य में गोबर से विद्युत उत्पादन और खाद्य विकिरण तकनीक के संबंध में राज्य की दूरदृष्टि और राज्य की पहल की सराहना की। उन्होंने राज्य में स्थापित सभी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में ग्रामीण तकनीकी केन्द्र स्थापना में सहयोग का आश्वासन दिया। बार्क के वैज्ञानिकों डॉ. एस. गौतम, डॉ. एस.टी. मेहेत्रे ने खाद्य पदार्थो के लम्बे समय तक सुरक्षित रखने के संबंध में आधुनिक विकरण तकनीक की जानकारी दी।

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