राजगढ़-रायसेन को 900 करोड़ की सिंचाई सौगात, हजारों किसान होंगे लाभान्वित
15 जनवरी 2026, भोपाल: राजगढ़-रायसेन को 900 करोड़ की सिंचाई सौगात, हजारों किसान होंगे लाभान्वित – मध्य प्रदेश के किसानों को सिंचाई की बड़ी सौगात देते हुए राज्य सरकार ने राजगढ़ और रायसेन जिलों में लगभग 900 करोड़ रुपये लागत की तीन महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान प्रदेश की शान हैं और प्यासे खेतों तक पानी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर खेत तक सिंचाई सुविधा पहुंचाकर ही किसान समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेंगे।
मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास में किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों के कल्याण के उद्देश्य से वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है। सरकार का संकल्प है कि मध्यप्रदेश का प्रत्येक किसान सशक्त बने और खेती लाभ का साधन बने। इसी दिशा में पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना, केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और ताप्ती ग्राउंड वॉटर रिचार्ज मेगा परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्रदेश का लगभग संपूर्ण कृषि क्षेत्र सिंचित हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 56 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित है, जिसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है। इसके साथ ही गांव-गांव और खेत-खेत तक बिजली एवं पानी की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकता है।
तीन विधानसभा क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि 13 जनवरी 2026 को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राजगढ़ और रायसेन जिलों की तीन विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 898.42 करोड़ रुपये की तीन सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
राजगढ़ जिले की सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में 396.21 करोड़ रुपये लागत की मोहनपुरा विस्तारीकरण (सारंगपुर) सिंचाई परियोजना से सारंगपुर तहसील के 26 गांवों की 11,040 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इस परियोजना से लगभग 10,400 किसान परिवार लाभान्वित होंगे।
रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में 115.99 करोड़ रुपये लागत की सुल्तानपुरा उद्वहन सिंचाई परियोजना से सुल्तानपुर तहसील के 20 गांवों की 5,700 हेक्टेयर भूमि को पानी मिलेगा, जिससे करीब 3,100 किसान परिवारों को लाभ होगा।
इसी तरह रायसेन जिले की उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में 386.22 करोड़ रुपये लागत की बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना से बरेली तहसील के 36 गांवों की लगभग 15,000 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। इस परियोजना से 6,800 किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
किसानों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
इन परियोजनाओं की स्वीकृति पर राजगढ़ की सारंगपुर तथा रायसेन की भोजपुर और उदयपुरा विधानसभा क्षेत्रों के किसान मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आत्मीय अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया। किसानों ने भगवान शिव की प्रतिमा, बीजासन माता का चित्र, जैविक अनाज और स्टील व लकड़ी के हल की प्रतिकृति भेंट कर खुशी जाहिर की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और सिंचाई के महत्व को भली-भांति समझते हैं। नर्मदा, चंबल, बेतवा, ताप्ती और क्षिप्रा जैसी नदियां प्रदेश की जीवन रेखा हैं और इन्हीं के माध्यम से किसानों को सिंचाई का जल उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों स्व. सुंदरलाल पटवा, सुश्री उमा भारती और श्री शिवराज सिंह चौहान के योगदान का भी स्मरण किया।
जनप्रतिनिधियों ने बताया ऐतिहासिक कदम
अभिनंदन समारोह में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भागीरथ के समान खेत-खेत तक सिंचाई की गंगा बहाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने वादों पर हमेशा खरे उतरते हैं। वहीं पूर्व मंत्री एवं भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा ने इसे किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ लगभग 300 से अधिक किसान उपस्थित रहे। सिंचाई परियोजनाओं की मंजूरी से क्षेत्र में खेती को नई दिशा मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
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