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राज्य कृषि समाचार (State News)

 राजस्थान: रबी सीजन में यूरिया आपूर्ति समय पर सुनिश्चित, अवैध भण्डारण पर करें सख्त कार्रवाई- मुख्य सचिव

12 दिसंबर 2025, जयपुर: राजस्थान: रबी सीजन में यूरिया आपूर्ति समय पर सुनिश्चित, अवैध भण्डारण पर करें सख्त कार्रवाई- मुख्य सचिव – राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 27 नवम्बर को आयोजित उर्वरकों की समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों की अनुपालना में तथा प्रदेश में उर्वरकों की आपूर्ती की समीक्ष़्ा हेतु राज्य स्तरीय फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेट्री टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय के सभा कक्ष में किया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि रबी सीजन में यूरिया की मांग अधिक रहती है, इसलिए सभी फर्टिलाइजर कम्पनियां मांग व आपूर्ती का विशेष ध्यान रखते हुए यूरिया की आपूर्ती समय पर करें। इस वर्ष अप्रत्याशित वर्षा होने के कारण विगत वर्षां की तुलना में रबी में 11 लाख हैक्टेयर में अधिक बुवाई हुई है।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनुदानित यूरिया के गैर कृषि कार्यों तथा अन्य औद्योगिक गतिविधियों में उपयोग पर पूरी तरह से अंकुश लगायें। उर्वरकों की कालाबाजारी एवं अवैध भण्डारण के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाये। उर्वरकों का राज्य के बाहर परिगमन को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में स्थापित चैकपोस्टों पर सतत् निगरानी रखी जाये।  उन्होंने आदान विक्रेताओं एवं कालाबाजारी एवं अवैध भण्डारण में लिप्त दोषियों के खिलाफ2025 में अब तक दर्ज 87  एफआईआर में अनुसंधान पूरा कर शीघ्र चालान पेश करने के गृह विभाग को निर्देश दिए।

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बैठक में प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजु राजपाल ने प्रजेंटेशन के माध्यम से उर्वरकों से संबंधित तथ्य एवं जानकारियां प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अक्टूबर से दिसम्बर तक 11.35 लाख मै. टन यूरिया आवंटन किया गया था। आज तक राज्य में यूरिया की कुल उपलब्धता 11.48 लाख मै.टन है। वर्तमान में प्रदेश में 1.57 लाख मैं. टन यूरिया स्टॉक में है। माह दिसम्बर का आवंटन 3 लाख 80 हजार मै. टन है, जिसमें 1 लाख 75 हजार मै. टन यूरिया की आपूर्ती हो चुकी है तथा निरंतर आपूर्ती जारी है।

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उन्होंने बताया कि 7 दिसम्बर से 14 दिसम्बर तक आवंटित 50 रैक यूरिया में से 18 रैक परिवहन में हैं, जिसमें 0.48 लाख मै.टन यूरिया की आपूर्ती आगामी 2-3 दिवस में कर दी जायेगी। इस सप्ताह के शेष दिवसों में लगभग 30 रैक और आना संभावित है, जिसमें लगभग 0.81 लाख मै. टन यूरिया की आपूर्ती की जायेगी।

उन्होंने बताया कि सीमावर्ती राज्यों में यूरिया डाइवर्जन को रोकने के लिए 61 चैक पोस्ट स्थापित किये गये हैं। 744 उर्वरक निरीक्षकों द्वारा पूरे प्रदेश में जमाखोरी, कालाबाजारी, अवैध भण्डारण, परिगमन एवं अनुदानित उर्वरकों का गैर कृषि कायों में उपयोग पर पूर्णतया निगरानी रखते हुए कार्यवाही की जा रही है। प्रत्येक जिले में उर्वरक प्रबंध एवं निगरानी हेतु कन्ट्रॉल रूम स्थापित कर प्राप्त शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है।

आयुक्त कृषि सुश्री चिन्मयी गोपाल ने बताया कनकपुरा रैक प्वाइंट से लगभग आठ से दस जिलों में उर्वरकों की आपूर्ती की जाती है। यह रैक प्वाइंट शहर के मध्य होने के कारण आपूर्ती में बाधा रहती है। अतः निन्दड़-बैनाड़ (जयपुर), झुन्झुनु तथा महुवा-मंडावर (दौसा) में उर्वरकों के लिए नवीन रैक प्वाइंटों की आवश्यकता है।

गुण नियंत्रण अभियान के तहत वर्ष 2025-26 में अवैध भण्डारण, यूरिया डाइवर्जन एवं कालाबाजारी आदि के कुल 87 मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। अप्रैल माह में 453 मै. टन यूरिया और जून माह मे ं16.5 मै. टन अवैध यूरिया की जब्ती की कार्यवाही की गई है इसी प्रकार नवम्बर माह में सांचौर से 10 हजार 224 यूरिया बैग, 1 हजार 588 बैग कम्पोस्ट व 20 बैग पीडीएम के, कोटपूतली बहरोड़ में 146 बैग यूरिया एवं मावली उदयपुर से 686 बैग यूरिया के अवैध भण्डारण व कालाबाजारी में पाये गये। जिन्हें जब्त कर संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है।

बैठक में आई जी (गृह) दीपक कुमार, डीआईजी (कानून एवं व्यवस्था) अशरद अली, प्रबंध निदेशक राजफैड बचनेश अग्रवाल, अतिरिक्त निदेशक कृषि (आदान) गोपाल लाल जाट तथा सभी मुख्य उर्वरक कम्पनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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