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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: खरीफ 2026 के लिए बीटी कपास हाइब्रिड बीजों की बिक्री को मिली मंजूरी  

21 अप्रैल 2026, जयपुर: राजस्थान: खरीफ 2026 के लिए बीटी कपास हाइब्रिड बीजों की बिक्री को मिली मंजूरी  –  राजस्थान सरकार द्वारा गैर–संशोधित (BG‑II, GFM) बीटी कपास हाइब्रिड की व्यवसायिक खेती के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (GEAC) तथा बीटी कपास पर स्थायी समिति की सिफारिशों के अनुसार खरीफ‑2026 के लिए बीटी कपास हाइब्रिड बीजों की बिक्री की औपचारिक अनुमति जारी कर दी गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत अनुमोदित 34 बीज कंपनियां राज्य के विभिन्न कृषि‑जलवायु क्षेत्रों में निर्धारित शर्तों के अनुसार बीटी कपास हाइब्रिड बीजों की आपूर्ति कर सकेंगी।

परीक्षण और क्षेत्रीय अनुमति—
आयुक्त कृषि  नरेश कुमार गोयल ने बताया कि प्रत्येक बीटी कपास हाइब्रिड के प्रदर्शन का मूल्यांकन कृषि‑जलवायु क्षेत्रवार एटीसी, एआरएस व केवीके फार्मों पर अनिवार्य परीक्षण के माध्यम से किया जाएगा। 30 अप्रैल 2026 तक बीज कंपनियां संयुक्त निदेशक कृषि (ATC), कृषि आयुक्तालय को बीज उपलब्ध करवा सकती हैं, जिसका विभाग निर्धारित मानदंडों के आधार पर परीक्षण शुल्क लेगा। यदि किसी हाइब्रिड पर दो वर्ष से लगातार प्रदर्शन परीक्षण किए जा चुके हैं, तो अतिरिक्त परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी।

श्री नरेश कुमार ने बताया कि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जैसे पश्चिमी जिलों में सफेद मक्खी और कॉटन लीफ कर्ल वायरस (CLCuD) के प्रति संवेदनशील बीटी कपास हाइब्रिड की बिक्री पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध रखा गया है, ताकि इन रोगों के प्रकोप को रोका जा सके।

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सभी बीज कंपनियां अपनी बिक्री क्षेत्रों में कृषि विभाग के सहयोग से किसानों को त्रि‑स्तरीय प्रशिक्षण बुवाई‑पूर्व, फसल‑वृद्धि तथा कटाई के चरणों में देगी। इसमें बीटी संरचना वाले रिफ्यूज बीज के निर्धारित अनुपात (20% क्षेत्र या पाँच सीमावर्ती कतारें) का पालन, उर्वरक व खाद प्रबंधन, तथा संकीर्ण जैव नियंत्रण तकनीके शामिल हैं।

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किसानों को हिंदी में तैयार कृषि पद्धतियों का पैकेज दिया जाएगा, जो बीज पैकेट के साथ प्रत्येक ग्राहक को उपलब्ध करवाया जाना अनिवार्य है, ताकि ज्ञान‑आधारित खेती को बढ़ावा मिल सके।

बिक्री नियंत्रण, गुणवत्ता और निगरानी—

उन्होंने बताया कि सभी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना है कि खरीफ‑2026 के लिए बीटी कपास हाइब्रिड बीज की बिक्री कीमत केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित न्यूनतम‑अधिकतम दरों (आवश्यक वस्तु अधिनियम‑1955 व बीज नियंत्रण आदेश‑1983 के तहत) से अधिक न हो। प्रत्येक बीज पैकेट पर सत्यापन के लिए एक अद्वितीय QR कोड तथा वैध संपर्क नंबर अंकित रहना अनिवार्य है।

कंपनियों को जिला‑वार बिक्री योजना—

डीलर‑सूची तथा वास्तविक बिक्री की पखवाड़े‑आधारित रिपोर्ट कृषि संयुक्त निदेशक (विस्तार), जिला परिषद एवं कृषि आयुक्तालय, जयपुर को नियमित रूप से उपलब्ध करवानी होगी, जबकि बीज की मात्रा संरचना और रिफ्यूज बीज की गुणवत्ता पर विभाग द्वारा निरंतर निगरानी रखी जाएगी।

सहकारी क्षेत्र को प्राथमिकता और पोस्ट‑रिलीज निगरानी—

कृषि आयुक्त ने बताया कि राज्य सरकार ने बीटी कपास हाइब्रिड बीजों की जिला‑स्तरीय आपूर्ति में सहकारी क्षेत्र (KVSS, GSS, FPOs) को 15–20% आवंटन की प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए है, ताकि छोटे और सीमांत किसानों को बीज आसानी से उपलब्ध हो सकें। इसके लिए जिला प्रशासन, कृषि विभाग और संबंधित बीटी कपास कंपनियों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएंगी।

बीज जारी करने के बाद बीटी कपास की निगरानी सम्बद्ध क्षेत्रीय तथा विभागीय ATC की समितियाँ करेंगी, जिनकी रिपोर्ट राज्य स्तर पर विश्लेषण के बाद भविष्य के नीतिगत निर्णयों के लिए उपयोग की जाएगी।

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