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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान सरकार द्वारा 1500 ड्रोन कस्टम हायरिंग केंद्रों पर उपलब्ध करायेगी – कृषि मंत्री

28 जनवरी 2023, जयपुर: राजस्थान सरकार द्वारा 1500 ड्रोन कस्टम हायरिंग केंद्रों पर उपलब्ध करायेगी – कृषि मंत्री – कृषि विभाग की ओर से  जोशीवास गांव, जोबनेर में राज्य स्तरीय ड्रोन तकनीकी का सजीव प्रदर्शन कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 2 वर्षों में 1500 ड्रोन कस्टम हायरिंग केंद्रों पर उपलब्ध कराए जायेंगे। जिसमे ड्रोन पर लागत का 40 प्रतिशत अधिकतम  4 लाख रुपये के साथ ही किसानों के खेतों पर प्रदर्शन हेतु  अधिकतम 6 हजार रुपये प्रति हैक्टर का अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऎसे कृषक जो सीमित आय के कारण उन्नत एवं महंगे कृषि उपकरणों को क्रय करने में सक्षम नहीं हैं उन्हें ड्रोन किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसान कम लागत एवं कम समय में व्यापक कृषि क्षेत्र में रसायनों का छिड़काव कर सकेंगे।

33 जिलों में एक साथ किया गया ड्रोन द्वारा रसायनों का छिड़काव-

श्री कटारिया ने बताया कि कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीकी द्वारा फसलों में रसायनों के छिड़काव का सजीव प्रदर्शन की शुरुआत प्रदेश भर में की गयी, जिसमे किसानों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक जिले में कुल 20 हैक्टेयर क्षेत्र में ड्रोन प्रदर्शन कर रसायनों का छिड़काव किया गया।  प्रथम चरण में नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। जिससे यूरिया की कमी को पूरा किया जा सकेगा।

प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री दिनेश कुमार ने कहा कि दुनिया भर में कृषि कार्यों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन का उपयोग बढ़ रहा है। राज्य में भी सरकार कृषि क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है ताकि बेहतर उपज के साथ किसानों की आय में वृद्धि हो सके। प्रदेश के प्रगतिशील किसान  खेती-किसानी में ड्रोन के कार्य का उपयोग करने लगे हैं,  आने वाले समय में कृषि में ड्रोन की मांग एवं उपयोगिता में काफी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

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कृषि आयुक्त श्री कानाराम ने बताया कि पारंपरिक तरीके से छिड़काव के मुकाबले ड्रोन से छिड़काव में  70-80 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है। खड़ी फसल में पोषक तत्वों की कमी का निर्धारण एवं उनकी पूर्ति ड्रोन के माध्यम से आसानी से की जा सकती है। इस अवसर पर कुलपति कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर डॉ. बलराज, इफको राज्य विपणन प्रबंधक श्री सुधीर मान, पंचायत समिति जोबनेर  प्रधान श्री शैतान मेहरड़ा, पंचायत समिति झोटवाड़ा प्रधान श्री रामनारायण झाझड़ा सहित कृषि विभाग के विभागीय अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे।

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