राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान: खेत बचाओ अभियान के तीन दिन में 77 हजार किसानों से संवाद, कृषि मंत्री ने की समीक्षा

06 जून 2026, जयपुर: राजस्थान: खेत बचाओ अभियान के तीन दिन में 77 हजार किसानों से संवाद, कृषि मंत्री ने की समीक्षा – राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने गुरुवार को पंत कृषि भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में राज्यभर में संचालित ‘खेत बचाओ अभियान’ और खरीफ-2026 के लिए उर्वरक आपूर्ति व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में अभियान की शुरुआती प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी, संरक्षित पानी और जागरूक किसान ही समृद्ध राजस्थान की वास्तविक पहचान हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों से अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।

तीन दिन में 77 हजार से अधिक किसानों तक पहुंचा अभियान

बैठक में प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से शुरू हुए ‘खेत बचाओ अभियान’ के पहले तीन दिनों में प्रदेशभर में 2,382 कृषि गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 77,806 किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। अभियान के तहत आयोजित 294 कृषक गोष्ठियों में 13,273 किसानों ने भाग लिया, जबकि संतुलित उर्वरक उपयोग से संबंधित 184 जागरूकता कार्यक्रमों में 8,987 किसान शामिल हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में 127 जनप्रतिनिधियों और 312 कृषि अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों ने रात्रि चौपालों के माध्यम से किसानों की समस्याएं सुनीं और मौके पर समाधान भी प्रदान किया।

घर-घर पहुंच रहा प्राकृतिक खेती का संदेश

अभियान के दौरान कृषि सखी, पशु सखी, लखपति दीदी और नमो ड्रोन दीदियों की सक्रिय भागीदारी से जैविक एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग का संदेश ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। कृषि विभाग का उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने, मिट्टी की सेहत सुधारने और टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित करना है। इसके साथ ही जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और संतुलित पोषण प्रबंधन के महत्व पर भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है।

खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध

समीक्षा बैठक में खरीफ-2026 के लिए उर्वरक उपलब्धता की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में सहकारी समितियों और डीलरों के पास 8.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 84,166 मीट्रिक टन अधिक है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जून माह के लिए 4.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का अतिरिक्त आवंटन भी स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।

कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निगरानी

डॉ. मीणा ने बताया कि यूरिया और अन्य उर्वरकों की कालाबाजारी तथा अवैध परिवहन रोकने के लिए राज्य की सीमाओं पर 61 चेकपोस्ट सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल लाइसेंस निलंबन और सामग्री जब्ती जैसी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण अपनाने की अपील

कृषि मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों से अपनी कम से कम 25 प्रतिशत कृषि भूमि पर जीवामृत, वर्मी कम्पोस्ट और हरी खाद आधारित प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिलेगी। साथ ही उन्होंने फार्म पॉन्ड, मेड़बंदी, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी जल संरक्षण तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।

बैठक में कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल, उद्यानिकी आयुक्त श्वेता चौहान, कृषि विपणन विभाग के निदेशक राजेश कुमार चौहान सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि जिलों में पदस्थ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। कृषि विभाग का मानना है कि खेत बचाओ अभियान के माध्यम से मिट्टी, पानी और खेती के संसाधनों का संरक्षण करते हुए किसानों को टिकाऊ और लाभकारी कृषि की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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