राज्य कृषि समाचार (State News)

Rajasthan Budget 2026: किसानों की आय, युवाओं के रोजगार और सिंचाई को मिली सर्वोच्च प्राथमिकता    

14 फरवरी 2026, जयपुर: Rajasthan Budget 2026: किसानों की आय, युवाओं के रोजगार और सिंचाई को मिली सर्वोच्च प्राथमिकता – कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि राज्य का बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को साकार करते हुए ‘विकसित राजस्थान 2047’ के विजन को मूर्त रूप देने वाला है। यह बजट प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, आत्मनिर्भर बनाने और अन्नदाता की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह बजट आमजन, कृषक, पशुपालकों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण वर्ग के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के उद्देश्य से कृषि बजट में इस वर्ष 7.59 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। कृषि विकास, कृषक कल्याण और अन्नदाता की आय में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग, क्षमता विकास, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग सुधार की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

सूक्ष्म सिंचाई के विस्तार हेतु वर्ष 2030 तक क्षेत्र को 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 51 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आगामी वर्ष लगभग 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिस पर 1 हजार 340 करोड़ रुपये खर्च होंगे जिससे 3 लाख किसान लाभान्वित होंगे। साथ ही 50 हजार सोलर पंप संयंत्रों की स्थापना पर 1,500 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

उन्नत तकनीक को बढ़ावा देते हुए 200 करोड़ रुपये के अनुदान से 4 हजार किसानों के खेतों पर ग्रीन हाउस, पाली हाउस, शेड नेट, लो टनल और प्लास्टिक मल्च स्थापित किए जाएंगे। उद्यानिकी विकास के तहत औषधीय पौधों, मसाला फसलों, फूलों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

कृषि यंत्रीकरण के अंतर्गत 160 करोड़ रुपये के अनुदान से 50 हजार किसानों को पावर टिलर, डिस्क प्लाऊ, कल्टीवेटर, हैरो और रीपर जैसे एंटी उपलब्ध कराए जाएंगे। 96 करोड़ रुपये की लागत से 500 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। वर्षा जल संग्रहण को बढ़ावा देते हुए 8 हजार डिग्गियां, 15 हजार किलोमीटर सिंचाई पाइपलाइन और आगामी दो वर्षों में 36 हजार फार्म पॉन्ड निर्माण के लिए 585 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया जाएगा, जिससे 80 हजार से अधिक किसान लाभान्वित होंगे।

फसलों को नीलगाय, जंगली जानवरों और निराश्रित पशुओं से बचाने हेतु 50 हजार किसानों को 20 हजार किलोमीटर तारबंदी के लिए 228 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा। सामुदायिक तारबंदी में न्यूनतम कृषकों की संख्या 10 से घटाकर 7 करने का प्रस्ताव किया गया है।

दलहनी और तिलहनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए 70 हजार प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे तथा 135 करोड़ रुपये की लागत से 2.5 लाख से अधिक किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। मूंग, उड़द, अरहर, सोयाबीन, सरसों और अरंडी जैसी फसलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापित करने के संकल्प के तहत प्रथम चरण में 5 हजार से अधिक आबादी वाली 3,496 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध स्थापना की जाएगी। आगामी वर्ष 2,098 ग्राम पंचायतों में लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से इकाइयां स्थापित होंगी।

डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत ‘राज एम्स’ (राजस्थान एग्रीकल्चर इंफॉर्मेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम) विकसित किया जाएगा। 77 करोड़ रुपये की लागत से एआई, मशीन लर्निंग, रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से किसानों को जलवायु जोखिम प्रबंधन, मौसम आधारित बुवाई और फसल स्वास्थ्य निगरानी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट युवाओं को अवसर, महिलाओं को सशक्तिकरण, किसानों को समृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की नई दिशा देगा तथा राजस्थान को विकसित राज्य बनाने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements