रायपुर: धान के बजाय दलहन, तिलहन और गन्ने की खेती करें किसान, सरकार देगी 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
06 नवंबर 2026, रायपुर: रायपुर: धान के बजाय दलहन, तिलहन और गन्ने की खेती करें किसान, सरकार देगी 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि – छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन और गन्ने जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सूरजपुर जिले के मां महामाया शक्कर कारखाना केरता में आयोजित आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम में यह जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने गन्ना उत्पादक किसानों को बोनस राशि भी वितरित की। कार्यक्रम में किसानों ने गन्ने का खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने के निर्णय पर राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
गन्ना किसानों को मिलेगा बढ़े हुए खरीदी मूल्य और बोनस का लाभ
मां महामाया शक्कर कारखाना केरता में गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के उपलक्ष्य में आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान शामिल हुए। मंत्री ने किसानों को शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी और बोनस राशि वितरित की। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
किसानों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि किसान धरतीपुत्र हैं। उनके अथक परिश्रम से ही देश की खाद्यान्न संबंधी जरूरतें पूरी होती हैं। किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने किसानों की प्रसन्नता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है।
किसानों की मांग पर हुई थी शक्कर कारखाने की स्थापना
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मां महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरगुजा अंचल के गन्ना उत्पादक किसानों की मांग और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शक्कर कारखाने की स्थापना की पहल की गई थी। इसका उद्देश्य स्थानीय किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और क्षेत्र में कृषि आधारित औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। उन्होंने कहा कि अब शक्कर कारखाने को और अधिक विकसित करने की जरूरत है। वैल्यू एडिशन के माध्यम से इसकी उपयोगिता और आर्थिक संभावनाओं को बढ़ाया जा सकता है। इससे कारखाने के विकास के साथ किसानों को भी लाभ मिलेगा।
कम पानी में बेहतर उत्पादन के लिए अपनाएं आधुनिक तकनीक
कृषि मंत्री ने किसानों को आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से कम पानी तथा संतुलित उर्वरक के उपयोग के जरिए भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही धान के स्थान पर दलहन, तिलहन और गन्ने जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि इसके लिए शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार किसानों को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
कार्यक्रम में प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते ने गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मां महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना से लेकर इसके विकास तक किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के प्रयासों से गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ गन्ना उत्पादक किसानों के हितों के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी प्रतिबद्ध है।
गन्ने का रकबा बढ़ाने और रिकवरी दर सुधारने पर जोर
कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि रिवॉल्विंग फंड की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों में नया उत्साह है। आगामी कार्ययोजना के तहत शक्कर कारखाने की रिकवरी दर बढ़ाने और गन्ने की खेती का रकबा विस्तार करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इससे कारखाने की उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ किसानों को भी अधिक आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की आय बढ़ाने और गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान आयोजित कृषक चौपाल में गन्ना उत्पादक किसानों ने अपने अनुभव, सुझाव और आवश्यकताएं साझा कीं। कृषि मंत्री ने किसानों की बातें सुनीं और कृषि क्षेत्र के विकास तथा किसानों की सुविधाओं के विस्तार के लिए शासन की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर, अनुविभागीय अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान उपस्थित रहे।
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