मध्यप्रदेश के सात जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा संभावित
19 सितंबर 2026, इंदौर: मध्यप्रदेश के सात जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा संभावित – मौसम केंद्र , भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के भोपाल, नर्मदा पुरम , उज्जैन, संभागों के जिलों में अजिकांश स्थानों पर, ग्वालियर संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर; इंदौर, रीवा, जबलपुर, शहडोल, सागर संभागों के जिलों में कुछ स्थान पर; चंबल संभाग के जिलों में कहीं – कहीं; वर्षा दर्ज़ की गई। 1 जून से 19 सितंबर तक दीर्घावधि औसत से मध्यप्रदेश में -6 % कम वर्षा हुई। पूर्वी मप्र में औसत से -2 % कम तथा पश्चिमी मप्र में औसत से -10 % कम वर्षा हुई। भारी वर्षा लटेरी 106.2, कुम्भराज 97.0, नलखेड़ा 92.0, उमरेठ 90.2, बड़ौद 72.0, राघौगढ 70.0, खिलचीपुर 68.4 और आगर में 65.0 मिमी दर्ज़ की गई।
वर्षा के प्रमुख आंकड़े – सुसनेर 62.4, रामनगर 62.3, बाड़ी 59.5, मल्हारगढ 59.0, मकसूदनगढ 57.0, गुना 50.0, सारंगपुर 47.3, जीरापुर 46.0, जैसी नगर 45.2, खातेगांव 45.0, लखनादौन 44.2, सुल्तानपुर 43.0, मनासा 42.0, करांजिया 40.3, नीमच 39.0, आरौन 38.0, मंदसौर 38.0, भावगढ 36.0, रहली 34.4, मोमन बड़ोदिया 34.0, चिचोली 33.2, चाचौड़ा 33.0, रामपुर बाघेलान 32.6, अमरकंटक 32.0, पचोर 32.0, सिवनी मालवा 31.0, ब्यावरा 30.0, खा चरौद 30.0, कट्ठीवाड़ा 29.1, ग्यारसपुर 29.0, बिजुरी 28.4, बेगम गंज 28.0, छिंद वाड़ा 27.0, नसरुल्ला गंज 27.0, पुष्पराजगढ़ 26.4, हनुमना 26.0, ताल 26.0, गुलाना 26.0, टिमरनी 25.4, भाभरा 23.3, परासिया 23.0, धुंधड़का 23.0, बीरसिंहपुर 23.0, हरदा 22.8, आलीराजपुर 22.2, पचमढी 22.0, पठारी 22.0, मेघनगर 21.0, इछावर 21.0, उमरिया 20.2, संजीत 20.0 और देवरी- रायसेन में 20.0 मिमी वर्षा दर्ज़ की गई।
मौसमी परिस्थितियां – दक्षिण -पश्चिम मानसून आज 19 सितंबर 2026 को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस लौट गया है, जबकि इसकी सामान्य वापसी की तिथि 17 सितंबर है। 19 सितंबर को दक्षिण -पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी, खाणुवाला से होकर गुजर रही है। अगले 3-4 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब और सौराष्ट्र एवं कच्छ के कुछ हिस्सों से दक्षिण -पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। उत्तर अंडमान सागर एवं आसपास के क्षेत्रों पर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण आज, 19 सितंबर 2026 को उसी क्षेत्र में बना हुआ है तथा यह समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई तक विस्तृत है। इसके प्रभाव से आज, 19 सितंबर 2026 की शाम के आसपास इसी क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद, यह निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे और अधिक सशक्त होकर अगले 3–4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण ओडिशा–उत्तर आंध्र प्रदेश तटों की ओर बढ़ने की संभावना है। पश्चिम मध्य प्रदेश तथा उससे सटे गुजरात क्षेत्र के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण अब पश्चिम मध्य प्रदेश तथा उससे सटे पूर्वी राजस्थान के ऊपर स्थित है । एक ट्रफ ( द्रोणिका ) उत्तर -पूर्वी उत्तर प्रदेश से उत्तर -पूर्वी अरब सागर तक, पश्चिमी मध्य प्रदेश एर्ं उससे सटे पूर्वी राजस्थान तथा गुजरात राज्य के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के आरपार बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में उत्तर – पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं आसपास के क्षेत्रों के ऊपर स्थित है।
पूर्वानुमान – मौसम केंद्र ने बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन , बड़वानी, आलीराजपुर , झाबुआ, धार , रतलाम, उज्जैन, आगर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर , दतिया , भिंड , मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली ,सीधी , रीवा, मऊगंज , सतना, कटनी, पन्ना, दमोह , सागर, छतरपुर, टीकमगढ, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं -कहीं , भोपाल , विदिशा , रायसेन, राजगढ़ , नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, इंदौर, शाजापुर, गुना, शिवपुरी, अनुपपुर, शहडोल , उमरिया , जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिलों में कुछ स्थानों पर तथा सीहोर ,देवास, अशोकनगर, डिंडोरी , सिवनी , मंडला और बालाघाट जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा होगी या गरज -चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।
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