श्रीगंगानगर में रबी किसान गोष्ठी, गेहूं-चना-सरसों में रोग और कीट नियंत्रण के बताए उपाय
27 सितंबर 2026, श्रीगंगानगर: श्रीगंगानगर में रबी किसान गोष्ठी, गेहूं-चना-सरसों में रोग और कीट नियंत्रण के बताए उपाय – राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत भवन गांव 11 क्यू में गुरुवार को आत्मा योजना के तहत एक दिवसीय रबी किसान गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें किसानों को रबी फसलों में बुवाई से लेकर कटाई तक लगने वाले प्रमुख रोगों और कीटों की पहचान, रोकथाम एवं नियंत्रण के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को सरकारी योजनाओं, अनुदान और कृषि से जुड़े नवाचारों की जानकारी भी दी गई।
गेहूं, चना और सरसों में रोग-कीट प्रबंधन की जानकारी
कार्यक्रम की शुरुआत कृषि अनुसंधान अधिकारी (पौध व्याधि), एटीसी श्रीकरणपुर दुष्यंत शाक्य ने की। उन्होंने रबी फसलों में बुवाई से लेकर कटाई तक लगने वाले प्रमुख रोगों और कीटों की पहचान, रोकथाम एवं नियंत्रण के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने गेहूं में पीला रतुआ, करनाल बंट और दीमक, चना में उकठा रोग, जड़ सड़न और फली छेदक तथा सरसों में माहू, सफेद रतुआ, अल्टरनेरिया झुलसा और तना गलन के प्रबंधन पर विशेष चर्चा की।
किसानों को बीजोपचार, संतुलित उर्वरक के इस्तेमाल, समय पर बुवाई और नियमित रूप से फसल की निगरानी करने की सलाह दी गई। आवश्यकता के अनुसार अनुशंसित कीटनाशी और फफूंदनाशी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। किसानों को समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (IPM) अपनाने की सलाह दी गई, ताकि फसल की लागत कम करने के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
आत्मा योजना की गतिविधियों में भाग लेने की सलाह
उप निदेशक कृषि (सामान्य) श्री केशव कालीराना ने आत्मा योजना के तहत संचालित कृषक हित की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से कृषक प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण, कृषक पुरस्कार और कृषक वैज्ञानिक संवाद जैसी गतिविधियों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने किसानों को नए कृषि नवाचार अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि करने की सलाह दी।
श्रेष्ठ किसानों को 50 हजार रुपये तक का पुरस्कार
उप परियोजना निदेशक (आत्मा) श्री सुदेश कुमार ने बताया कि आत्मा योजना के तहत कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन, जैविक खेती, नवाचारी खेती, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन जैसी गतिविधियों में से पांच गतिविधियों के लिए श्रेष्ठ किसानों का चयन किया जाता है।
इन गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसानों को राज्य, जिला और पंचायत समिति स्तर पर पुरस्कार देने का प्रावधान है। राज्य स्तर पर चयनित प्रगतिशील किसानों को 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। जिला स्तर पर 10 श्रेष्ठ किसानों का चयन कर उन्हें 25-25 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं ब्लॉक स्तर पर श्रेष्ठ किसानों का चयन कर उन्हें 10-10 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
प्राकृतिक और जैविक खेती पर भी चर्चा
गोष्ठी में प्राकृतिक और जैविक खेती से जुड़ी जानकारी भी दी गई। किसानों को जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी और नीमास्त्र आदि तैयार करने की विधि के बारे में विस्तार से बताया गया। इनके उपयोग और मानव जीवन में महत्व पर भी चर्चा की गई।
कृषि योजनाओं और अनुदान की दी जानकारी
वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक श्री नेतराम भुवांल ने कृषि विभाग की ओर से दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं और अनुदान योजनाओं की जानकारी दी। इनमें डिग्गी निर्माण, कृषि यंत्र, कृषि पौध संरक्षण उपकरण, प्रदर्शन, पाइप लाइन और तारबंदी आदि पर मिलने वाले अनुदान शामिल हैं। उन्होंने किसानों को इन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज और पत्रावली तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया। साथ ही उपस्थित किसानों से कृषि विभाग के कार्यक्रमों में अधिक से अधिक रुचि लेकर भागीदारी करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक श्री आकाश भांभू, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक श्री गोविन्द राम, कृषि पर्यवेक्षक श्री मैनपाल, कृषि पर्यवेक्षक श्रीमती ममता देवी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


