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राज्य कृषि समाचार (State News)

24-25 नवम्बर को पुष्य नक्षत्र : खरीदारी का महापर्व

12 नवंबर 2021, भोपाल । 24-25 नवम्बर को पुष्य नक्षत्र : खरीदारी का महापर्व – कोई भी नया काम शुरू करने, वाहन, सोना – चांदी की खरीदारी करने के लिए सबसे शुभ दिन धनतेरस और दीपावली को माना जाता है। इस बार नक्षत्रों की स्थिति ने जहाँ दीपावली के पहले 28 अक्टूबर को खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त पुष्य नक्षत्र का संयोग बनाया था जो लोग किसी कारणवश  इन शुभ मुहूर्तों में अपनी विशिष्ट खरीदारी नहीं कर पायें हैं वे अब 24-25 नवम्बर को बन रहे पुष्य नक्षत्र में अपनी खरीदारी कर सकते है । ज्योतिषशास्त्र के अनुसार पुष्य नक्षत्र के इस विशिष्ट संयोग में खरीदारी करना, कोई भी नया कार्य शुरू करना अक्षय फल प्रदान करता है।

पुष्य नक्षत्र का महत्व

ज्योतिषशास्त्र एवं प्राचीन ग्रंथों के अनुसार पुष्य को तिष्य अर्थात शुभ या माँगलिक तारा भी कहते हैं। पुष्य का अर्थ है पोषण करने वाला, ऊर्जा व शक्ति प्रदान करने वाला. मतान्तर से पुष्य को पुष्प का बिगडा़ रूप मानते हैं। पुष्य का प्राचीन नाम तिष्य शुभ, सुंदर तथा सुख संपदा देने वालाहै। विद्वान इस नक्षत्र को बहुत शुभ और कल्याणकारी मानते हैं। पुष्य नक्षत्र उत्पादन क्षमता, उत्पादकता, संरक्षणता, संवर्धन व समृ्द्धि का प्रतीक माना जाता है। कुछ विद्वान तीन तारों में चक्र की गोलाई देखते हैं। वे चक्र को प्रगति ‘रथ’ का चक्का मानते हैं।

पुष्य नक्षत्र में क्या खरीदें

इस नक्षत्र में आप वाहन, गहने, बर्तन या मकान आदि खरीद सकते हैं। इसके साथ ही इस नक्षत्र में नये कार्य शुरू करना या धन निवेश करना बहुत लाभदायक होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई कोई भी वस्तु बहुत लंबे समय तक उपयोगी रहती है तथा शुभ फल प्रदान करती है, क्योंकि यह नक्षत्र स्थाई होता है।

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